1st Bihar Published by: Updated Dec 08, 2021, 12:35:27 PM
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DESK : बिहार सरकार के विभिन्न विभागों ने सक्षम प्राधिकारी के स्वीकृति आदेश के बिना ही सात हजार करोड़ से भी अधिक रूपए के वाउचर और चालान जमा किए हैं. इस बात की जानकारी नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने दिया है. कैग ने पाया है कि 2019-20 के खातों को अंतिम रूप दिए जाने तक सभी वाउचर और चालान में सुधार नहीं किया गया था.
आपको बता दें कि व्यापक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) लागू किए जाने के बाद से ई-वाउचर, सब-वाउचर की स्कैन की गई प्रतियां, चालान और अन्य सभी सहायक के साथ ट्रेजरी खातों को पीएजी के कार्यालय में जमा करना आवश्यक है. वहीं बिहार सरकार द्वारा अप्रैल 2019 से व्यापक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (सीएफएमएस) लागू की गई है.
वित्तीय नियमों में यह कहा गया है कि सरकारी खजाने से कोई पैसा तब तक नहीं निकाला जाना चाहिए जब तक कि तत्काल भुगतान के लिए इसकी आवश्यकता न हो.