बिहार में चला वाहन चेकिंग अभियान, नियम तोड़ने वालों से वसूले गए 9.34 लाख रुपये

1st Bihar Published by: Updated Sat, 05 Dec 2020 05:35:25 PM IST

बिहार में चला वाहन चेकिंग अभियान, नियम तोड़ने वालों से वसूले गए 9.34 लाख रुपये

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PATNA : राज्यभर में विभिन्न एनएच और एसएच विशेष अभियान के तहत सघन हेलमेट-सीटबेल्ट जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई करते हुए उनसे जुर्माना लिया गया एवं वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई की गई. इसके साथ ही सभी उल्लंघनकर्ताओं को नियमों का पालन करने की अपील की गई. 


परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि हेलमेट, सीटबेल्ट के साथ अन्य यातायात नियमों का पालन कराने के लिए एनएच और एसएच पर भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है. सभी जिलों में चले अभियान के दौरान कुल 1542 वाहनों की जांच की गई, जिसमें नियमों का उल्लंघन करते कुल लगभग 543 वाहन चालकों से करीब 9.34 लाख रुपया का जुर्माना किया गया. 


परिवहन सचिव ने बताया कि विशेष अभियान चलाकर मोटर वाहन अधिनियमों का सख्ती से लागू किये जाने का साकारात्मक असर देखने को मिला है. जिलों में वाहन चलाने के दौरान हेलमेट और सीटबेल्ट लगाने की प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है. हेलमेट, सीटबेल्ट लगाकर वाहन चलाना सुनिश्चित कराने के लिए राज्यभर में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान लगातार जारी रहेगा. हेलमेट, सीटबेल्ट विशेष जांच के दौरान बिना नंबर के वाहनों के परिचालन पर भी कार्रवाई की गई. सख्त निर्देश दिया गया है कि बिना एच.एस.आरपी. के वाहन चलाते पकड़े जाने पर वाहनों को जब्त करने की भी कार्रवाई की जायेगी. 


परिवहन सचिव ने सभी डीटीओ को निर्देश दिया है कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों का चालक अनुज्ञप्ति निलंबन करने की कार्रवाई करें. सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए मोटर वाहन अधिनियमों को सख्ती से लागू किया जाना आवश्यक है. परिवहन सचिव ने वाहन चालकों से अपील की है कि हेलमेट प्रशासन और पुलिस के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार के लिए और अपनी सुरक्षा के लिए पहनें। क्योंकि आपकी जिंदगी आपके परिवार की अमानत है। दोपहिया चालकों को हेलमेट पहनना और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य है। अगर वाहन चालक यातायात के नियमों का पालन करते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें तो सड़क दुर्घटना में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।