बिहार में 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, निजीकरण के खिलाफ हड़ताल पर रहेंगे बैंककर्मी

बिहार में 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, निजीकरण के खिलाफ हड़ताल पर रहेंगे बैंककर्मी

PATNA: बैंकों के निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मियों की दो दिन देशव्यापी हड़ताल होगी। 16-17 दिसम्बर को बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे। बिहार यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने हड़ताल पर रहने का आह्वान किया है। जिसमें 10 लाख से अधिक बैंक कर्मी हड़ताल में शामिल होंगे। बता दें कि 16 और 17 यानी दो दिन सभी बैंक बंद रहेंगे। इस दौरान सभी कामकाज ठप रहेंगे। वहीं 18 और 19 को साप्ताहिक छुट्टी की वजह से बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में कुल 4 दिन बैंक में कामकाज ठप रहेगा।  


बताया जाता है कि बैंकिंग लॉ (संशोधित) विधेयक 2021 के विरोध में बैंककर्मियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण को लेकर लाईं गई एक विधेयक के खिलाफ बैंककर्मियों की यह हड़ताल है। बिहार यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स ने हड़ताल पर रहने का आह्वान किया है। 


बैंक संगठनों की माने तो केंद्र सरकार यह विधेयक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निजी हाथों में सौंपने का है। इसलिए सभी बैंकों में 16 दिसंबर से अगले चार दिनों तक कामकाज पूरी तरह से ठप रहेगा। बैंकों की हड़ताल 16 दिसंबर को शुरू होगी और 17 दिसंबर तक चलेगी। 18 दिसंबर को शनिवार है और 19 को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में कुल चार दिनों तक बैंकों में कामकाज प्रभावित होगा।


बैंक कर्मियों की हड़ताल की वजह से बैंकों के पांच हजार से अधिक शाखाएं इस दौरान बंद रहेगी। सोमवार 20 दिसंबर से बैंकों में कामकाज शुरू होगा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन से जुड़े संगठनों के अधिकारी एवं कर्मचारी केंद्र सरकार के सार्वजनिक बैंकों के निजीकरण के बैंकिग कानून संशोधन विधेयक 2021 का विरोध कर रहे हैं। 


जिसे केंद्र सरकार इस विधेयक को 2021 के वर्तमान सत्र में पारित कराना चाहती हैं। जबकि बैंक कर्मी यह इस विधेयक को पारित करने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि ऐसा हुआ तो निजी हाथों में सार्वजनिक बैंकों को सौंप दिया जाएगा। जो कही से भी उचित नहीं है। 16 एवं 17 दिसंबर को बैंक के प्रशासनिक कार्यालय के सामने एकजुट होकर बैंक कर्मी इस देशव्यापी हड़ताल में सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन करेंगे।