1st Bihar Published by: Updated Thu, 09 Sep 2021 12:56:52 PM IST
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PATNA : राजधानी पटना के राजीवनगर-दीघा में सरकार के अधिग्रहण 1024 एकड़ में वर्षों से हजारों लोग घर बनाकर रह रहे हैं. घर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बिहार राज्य आवास बोर्ड (मुख्यालय) ने 10 सितंबर को नोटिस दिया हैं. इसको लेकर जहां आम जनता में आक्रोश है. बुधवार को दीघा विधायक डाक्टर संजीव चौरसिया के नेतृत्व में रोड नंबर एक राजीव नगर से लेकर रोड नंबर 23-24, घोड़ा दौड़, जय प्रकाश नगर से बीरकुंवर सिंह चौक तक जान आक्रोश मार्च निकाला गया.
इस आक्रोश मार्च में हजारो लोगों की भागीदारी रही. दीघा विधायक डाक्टर संजीव चौरसिया ने कहा कि लगातार उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद इस समस्या के समाधान के लिए संघर्ष समिति के शिष्टमंडल से अपने पदाधिकारियों से और हमसे बातचीत कर हल करना चाहते हैं. हाल ही में गलत तरीके से गिरफ्तार राघवेनदर के मामले पर सिनियर एस पी के साथ उप मुख्यमंत्री बैठक करने जा रहे हैं. सेवा निवृत एस पी कुमार अमर सिंह के नोटिस पर किसी प्रकार की कारवाई नहीं की जाएगी.
विधायक संजीव चौरसिया ने आगे कहा कि इमानदारी पूर्वक उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद इस समस्या के निदान करने की दिशा में जा रहे हैं. लेकिन भ्रष्ट पदाधिकारी इसमे रोड़ा बन कर कड़ा हो जाते हैं. कैम्प पर नियुक्त अफसर और स्थानीय पुलिस की गलत कमाई बंद हो जाएगी. इस दौरान विशाल सिंह ने कहा कि अब थाना और आवास बोर्ड की मनमानी नहीं चलेगी.
संघर्ष समिति के अध्यक्ष नाथ सिंह ने कैम्प पर नियुक्त अफसर और स्थानीय पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि गलत तरीके से दोहन और सोशन करना बंद करो नहीं तो खामयजा भुगतने के लिए तैयार रहो. इस मार्च को संवोधित करने वालों में विरेन्द्र सिंह,लालटुना झा,विशाल कुमार सिंह , विजय सिंह, आर सी सिंह, प्रदीप कुमार झा,अमोद दता, भानू यादव, बीणु राय, चन्द वंशी सिंह मुखिया जी,सतेनदर सिंह, संजय सिंह, रामेश्वर प्रसाद, विरेन्द्र कुमार, ममता देवी, बिन्दी देवी,मनोज सिंह ,मीडिया प्रभारी अशोक कुमार सहित कई लोग मुजूद थे.