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ममता के राज्य में राष्ट्रपति का अपमान, बोले पीएम मोदी..TMC सरकार ने हद पार कर दी

इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था जिम्मेदार है।

पश्चिम बंगाल
पीएम मोदी ने जताई नाराजगी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

DESK: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कार्यक्रम स्थल बदले जाने को लेकर नाराजगी जताई। कहा कि राज्य सरकार की ओर से ना तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ना ही कोई मंत्री उनके स्वागत के लिए वहां मौजूद था। जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल सरकार की कड़ी आलोचना की। कहा कि TMC सरकार ने हद पार कर दी।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताई नाराजगी

दरअसल सिलीगुड़ी के पास बिधाननगर में आदिवासी समुदाय की सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि ममता बनर्जी उनकी “छोटी बहन” जैसी हैं। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि मुख्यमंत्री किसी बात को लेकर नाराज हैं या नहीं, क्योंकि उत्तर बंगाल दौरे के दौरान उनके स्वागत के लिए न तो मुख्यमंत्री आईं और न ही राज्य सरकार का कोई मंत्री उपस्थित था।


राष्ट्रपति ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर भी सवाल उठाए। कहा कि यह कार्यक्रम मूल रूप से बिधाननगर में आयोजित होना था, जहां पर्याप्त जगह थी और बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते थे। लेकिन राज्य प्रशासन ने कार्यक्रम को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशाईपुर स्थानांतरित कर दिया, जहां लोगों के पहुंचने में कठिनाई हुई और उपस्थिति भी कम रही। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, वहां लोगों का आना मुश्किल था। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि शायद राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम को लेकर गंभीर नहीं थी।


क्या है पूरा मामला जानिये?

मिली जानकारी के अनुसार, स्थानीय आदिवासी समुदाय ने अपने वार्षिक कार्यक्रम के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया था। कार्यक्रम पहले सिलीगुड़ी के बिधाननगर में प्रस्तावित था, लेकिन राज्य प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए इसे गोशाईपुर स्थानांतरित कर दिया। जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो वहां अपेक्षाकृत कम लोग मौजूद थे। प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रपति के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री या राज्य सरकार का कोई मंत्री उपस्थित होना चाहिए था, लेकिन वहां केवल सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ही मौजूद थे।


पीएम मोदी ने जताई नाराजगी

इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था जिम्मेदार है। पीएम मोदी ने कहा कि  यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे लोकतंत्र तथा आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाले लोग निराश हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति, जो स्वयं आदिवासी समुदाय से आती हैं, उनके साथ हुआ यह व्यवहार देशवासियों के लिए पीड़ा का कारण है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने इस मामले में सारी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देश के राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर होता है और इस पद की गरिमा का सम्मान हर हाल में किया जाना चाहिए। आशा करता हूं कि पश्चिम बंगाल सरकार और टीएमसी में सुधरने की भावना जागृत होगी।



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