ब्रेकिंग
PG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकीBihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहरावमुंबई में तेज रफ्तार BMW फ्लाईओवर से नीचे गिरी, 3 युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीरBihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभागPG में चल रहे सेक्स रैकेट का खुलासा, विदेशी नागरिकों समेत 21 गिरफ्तार, शराब और कॉन्डम का मिला अंबारसिंगर रितेश पांडेय से 10 लाख की मांगी रंगदारी, कैश नहीं देने पर जान से मारने की मिली धमकीBihar Train News : दुर्गापूजा-दिवाली-छठ पर घर जाना आसान! दिल्ली-हावड़ा रूट पर फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन, पटना समेत इन स्टेशनों पर ठहरावमुंबई में तेज रफ्तार BMW फ्लाईओवर से नीचे गिरी, 3 युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीरBihar IAS News: दिल्ली में 36 IAS अफसर, बिहार में वरिष्ठ अधिकारियों का टोटा; सचिवों के भरोसे चल रहे ज्यादातर विभाग

Justice Suryakant: जस्टिस सूर्यकांत बने भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश, इस दिन लेंगे शपथ

Justice Suryakant: केंद्र सरकार ने जस्टिस सूर्यकांत को भारत का 53वां मुख्य न्यायाधीश (CJI) नियुक्त किया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने इसकी औपचारिक घोषणा की।

Justice Suryakant
जस्टिस सूर्यकांत
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Justice Suryakant: केंद्र सरकार ने जस्टिस सूर्यकांत को भारत का 53वां मुख्य न्यायाधीश (CJI) नियुक्त किया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने इसकी औपचारिक घोषणा की। जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को शपथ लेंगे और मौजूदा CJI जस्टिस बी.आर. गवई का स्थान ग्रहण करेंगे, जिनका कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इस नियुक्ति की जानकारी कानून मंत्री अरुण राम मेघवाल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर साझा करते हुए कहा कि भारत के संविधान के तहत राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। उन्होंने जस्टिस सूर्यकांत को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दी।


जस्टिस सूर्यकांत का कार्यकाल लगभग 15 महीनों का होगा और वह 9 फरवरी 2027 को 65 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होंगे। उनके इस कार्यकाल में कई अहम और ऐतिहासिक न्यायिक फैसलों की उम्मीद की जा रही है, जो देश के कानूनी और सामाजिक परिदृश्य पर लंबी छाप छोड़ सकते हैं।


जस्टिस सूर्यकांत का जीवन संघर्ष और प्रेरणा दोनों से भरा हुआ है। उनका जन्म 10 फरवरी 1962 को हरियाणा के हिसार जिले के पेटवार गांव में हुआ। उनका परिवार शिक्षा से जुड़ा हुआ था और ज्यादातर सदस्य शिक्षक थे। गांव की साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले सूर्यकांत ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गांव में ही की। शहर की पहली चकाचौंध उन्होंने तब देखी जब वे 10वीं कक्षा की परीक्षा देने हिसार के हांसी कस्बे पहुंचे।


पढ़ाई के क्षेत्र में जस्टिस सूर्यकांत ने अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 1981 में हिसार के सरकारी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से कानून की डिग्री हासिल की। इसी विश्वविद्यालय से प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान गीता फोगाट और अभिनेता जयदीप अहलावत ने भी अपनी पढ़ाई पूरी की थी। डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने हिसार की जिला अदालत में वकालत की शुरुआत की। धीरे-धीरे उनकी पहचान एक ईमानदार, तेज-तर्रार और संवेदनशील वकील के रूप में बनने लगी।


जस्टिस सूर्यकांत के पास बतौर जज 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कई ऐतिहासिक और समाज को दिशा देने वाले फैसले सुनाए हैं। अदालत में उनकी कार्यशैली शांत, स्पष्ट और निष्पक्ष मानी जाती है। वे हमेशा न्याय के साथ संवेदनशीलता को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जज के तौर पर सेवा दी और बाद में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। उनके कार्यकाल के दौरान न्याय प्रणाली को आम लोगों के करीब लाने के कई प्रयास किए गए।


माना जा रहा है कि जस्टिस सूर्यकांत का नेतृत्व न्यायपालिका में स्थिरता और विश्वास बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण होगा। उनके न्यायिक दृष्टिकोण में सामाजिक न्याय, संवेदनशीलता और निष्पक्षता प्रमुख हैं, जो उन्हें देश के सर्वोच्च न्यायिक पद के लिए उपयुक्त बनाते हैं। उनके कार्यकाल में उम्मीद की जा रही है कि वे उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों में नए मानक स्थापित करेंगे और न्याय प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाएंगे।