1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 21, 2025, 8:13:14 PM
मुक्त कराये गये बिहार के निवासी - फ़ोटो सोशल मीडिया
DESK: दक्षिण-पूर्व एशिया के म्यांमार देश के मयावाडी स्थित केके पार्क से मुक्त होकर थाइलैंड देश पहुँचने वाले 360 भारतीय को Cyber Slavery से मुक्त कराकर प्रत्यार्पित कर 18 नवम्बर 2025 को भारत में नई दिल्ली लाया गया।
इनमें से बिहार के रहने वाले 06 व्यक्तियों को नई दिल्ली से आर्थिक अपराध इकाई के विशेष टीम के द्वारा दिनांक-21.11.2025 के सुबह में आर्थिक अपराध इकाई कार्यालय लाया गया है, जो साईबर स्लैवरी से मुक्त कराये गए व्यक्तियों की सूची निम्न प्रकार है:-
(01) साकेत सौरभ पे०-राम हद्द्या सिंह ग्राम पोस्ट सदरपुर भाया परिहार थाना बड़हरिया, जिला-सिवान ।
(02) धर्मेन्द्र कुमार पे०-उपेन्द्र शर्मा, सा०-छोटकी डेल्हा, थाना- डेल्हा, जिला-गया।
(03) नीरज कुमार पे०-चन्देश्वर सिंह ग्राम सोनवर्षा, थाना जी०बी नगर, जिला सिवान ।
(04) मो० अशद फारूखी पे०-मोहम्मद फारूखी सा०-बिचला मुहल्ला-गाजीपुर, थाना-तारापुर जिला-मुंगेर।
(05) मो० तनवीर आलम पे०-मो० मोख्तार आलम सा०-माचीपुर, थाना-लोदीपुर, जिला-भागलपुर।
(06) अरविन्द चौधरी-पे० शत्रुधन चौधरी सा०-पचनौर टोला गणेशपुर थाना-बेलसण्ड जिला-सीतामढ़ी।
पूर्व में साईबर स्लैवरी से मुक्त कराये गये बिहार के निवासी
इसके पूर्व में भी दक्षिण-पूर्व एशिया के म्यांमार देश के मयावाडी के kk पार्क से साइबर स्लैवरी से मुक्त होने वाले 14 लोगों को दिनांक-13.03.2025 को बिहार लाया गया था। साथ ही दिनांक-09.11.2025 को 08 लोगों तथा दिनांक-12.11.2025 को भी 08 लोगों को नई दिल्ली से विशेष टीम के द्वारा बिहार लाया जा चुका है। अतः अबतक म्यांमार देश के मयावाडी के kk पार्क से साइबर स्लैवरी से मुक्त होने वाले कुल 36 व्यक्तियों को बिहार लाया जा चुका है।
साईबर स्लैवरी के जाल एवं शोषण
स्लैवरी से मुक्त होकर आने वाले लोगों से पूछताछ के क्रम में यह बताया गया कि विभिन्न एजेंटों के द्वारा उन्हें विभिन्न प्रकार के नौकरी यथा शॉपिंग मॉल में सेल्स मैन, डाटाइन्ट्री ऑपरेटर, कुरियर, डीलिवरी वॉय आदि में नौकरी का लालच देकर पहले थाईलैंड ले जाते हैं और इसके बाद थाईलैण्ड के रास्ते म्यांमार के म्यावाडी स्थित KK पार्क में ले जाकर भर्ती कराया जाता है। म्यावाडी स्थित KK पार्क मे जाने के बाद उन्हें साईबर स्लैवरी के काम में लगा दिया जाता है। उन्हें काम के रूप में साईबर अपराध एवं साईबर ठगी करने काम लिया जाता है। साइबर अपराध जैसे कार्य कराने के दौरान अगर उन्हें टारगेट पूरा नहीं किया जाता है तो फिर उनकी पड़ताड़ना करते हुये उनसे हर्जाना वसूल भी किया जाता है।
अग्रतर कार्रवाई
साईबर स्लैवरी से मुक्त होकर आने वाले लोगों को उनके संबंधित जिला के साईबर थाना में दिनांक-24.11.2025 को उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है, जिनसे साइबर थानाध्यक्ष के द्वारा इस संबंध में पूछताछ किया जायेगा तथा इस अपराध में शामिल एजेंटों/बिचौलियों की पहचान करते हुए अग्रतर कार्रवाई किया जायेगा।
एडवाईजरी
आर्थिक अपराध इकाई, बिहार पटना का साईबर अपराध प्रभाग के द्वारा यह सुझाव दिया जाता है कि ऐसे किसी एजेंट/बिचौलियों के जाल में न फंसें, जो नौकरी के लालच देकर गलत काम करवाने पर मजबूर एवं शोषण करते हैं। साउथ इस्ट एशिया जैसे विभिन्न देशों यथा म्यांमार (वर्मा), थाईलैण्ड, कंबोडिया, लाओस जैसे देश में कोई नौकरी लगाने का सुझाव देता है तो सावधान हो जायें और साइबर स्लैवरी बनने के खतरा से दूर रहें।
साथ ही यह भी सुझाव दिया जाता है कि कोई भी नौकरी के नाम पर किसी एजेंट/बिचौलियों के द्वारा बाहर जाकर नौकरी दिलाने का वादा किया जाता है तो उसकी पूरी तरह से उक्त स्थान, नौकरी की कार्यशैली एवं पूर्ण रूप से जॉच पड़ताल कर आस्वथ्य होने के उपरांत ही कार्य करने का विचार करे। किसी भी अनजान व्यक्ति अथवा सोशल मीडिया के माध्यम से किसी अनजान के कहने पर ऐसे किसी कदम उठाने से परहेज करे।