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धर्म बदलकर रजिया बनी गौरी देवी, तोताराम से रचाई शादी, बोलीं- भगवान शिव मेरे इष्ट देव

हरदोई की रजिया ने धर्म परिवर्तन के बाद गौरी देवी नाम अपनाया और बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में तोताराम से हिंदू रीति-रिवाज से शादी की।

उत्तर प्रदेश न्यूज
एक विवाह ऐसा भी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

उत्तर प्रदेश: बरेली के हरदोई की रहने वाली रजिया ने धर्म परिवर्तन के बाद अपना नाम गौरी देवी रख लिया और बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में अपने प्रेमी तोताराम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। दोनों की मुलाकात करीब चार साल पहले राजस्थान के जयपुर में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।


चार साल पहले जयपुर में हुई थी मुलाकात

रजिया और फरीदपुर, बरेली निवासी तोताराम करीब 4 साल पहले जयपुर में एक ही ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे। काम के दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। बाद में दोनों ने मोबाइल नंबर साझा किए और उनकी दोस्ती धीरे-धीरे गहरी होती गई। कुछ समय बाद यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने जिंदगी भर साथ रहने का फैसला किया। हालांकि, दोनों के अलग-अलग धर्म से होने के कारण परिवार की ओर से उनके रिश्ते का विरोध किया गया। इसके बावजूद दोनों अपने फैसले पर कायम रहे।


धर्म परिवर्तन के बाद बनीं गौरी देवी

शादी से पहले रजिया ने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया और अपना नाम गौरी देवी रखा। विवाह के बाद उसने दावा किया कि उसने किसी दबाव या बहकावे में आकर यह फैसला नहीं लिया है। गौरी देवी ने बताया कि वह बचपन से ही हिंदू धर्म में आस्था रखती हैं और भगवान भोलेनाथ को अपना इष्ट देव मानती हैं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सनातन धर्म अपनाकर भगवान शिव की पूजा करना चाहती थीं और यह फैसला उन्होंने अपनी इच्छा से लिया है।


बालिग होने के दस्तावेज देखने के बाद हुई शादी

दोनों बरेली स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे और वहां के महंत आचार्य केके शंखधार के सामने अपनी बात रखी। आचार्य ने विवाह की प्रक्रिया शुरू करने से पहले दोनों के बालिग होने से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार वरमाला पहनाई गई और मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लेकर विवाह किया।


परिजनों से खतरा बताया, सुरक्षा की मांग

शादी के बाद गौरी देवी ने अपने परिवार के कुछ सदस्यों से खुद और अपने पति तोताराम को जान का खतरा बताया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। आचार्य केके शंखधार ने बताया कि नवदंपती बालिग हैं और उन्होंने अपनी इच्छा से विवाह किया है। उन्होंने कहा कि संभावित खतरे को देखते हुए संबंधित प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर दंपती को उचित सुरक्षा दिलाने की पहल की जाएगी। इस शादी से गौरी और तोताराम दोनों बहुत खुश हैं। वहां मौजूद लोगों ने दोनों को खुशहाल जीवन जीने का आशीर्वाद दिया और विदा किया। 


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