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कार में चलता था डिग्री का खेल, पैसा देते ही हाथों हाथ मिलता था ग्रेजुएशन से MCA तक का सर्टिफिकेट, बिहार से जुड़ा है कनेक्शन

DESK : राजस्थान के अलवर में एक ऐसी यूनिवर्सिटी चल रही थी जहां कार से ही ग्रेजुएशन से लेकर MCA तक की डिग्री मिल जाती थी। अलवर पुलिस ने ऐसे तीन युवकों को पकड़ा है, जिनका क

कार में चलता था डिग्री का खेल, पैसा देते ही हाथों हाथ मिलता था ग्रेजुएशन से MCA तक का सर्टिफिकेट, बिहार से जुड़ा है कनेक्शन
First Bihar
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DESK : राजस्थान के अलवर में एक ऐसी यूनिवर्सिटी चल रही थी जहां कार से ही  ग्रेजुएशन से लेकर MCA तक की डिग्री मिल जाती थी।  अलवर पुलिस ने ऐसे तीन युवकों को पकड़ा है, जिनका कनेक्शन बिहार से जुड़ा है। युवकों ने अब तक कितनी डिग्री दी और कितने रुपए लोगों से वसूले इसकी पुलिस जांच कर रही है।


अलवर एनईबी पुलिस ने शनिवार को सुधीर कुमार यादव निवासी शाहजहापुर, सुजीत कुमार निवासी पूर्णिया, सचिन कुमार निवासी कृष्णा कॉलोनी बिहार को गिरफ्तार किया है। युवकों से बरामद कार में एडमिशन फॉर्म से लेकर एग्जाम की आंसर शीट, डिग्री, डिप्लोमा सहित अधिकारियों की मुहर मिली है। डायरियों में पैसे लेकर डिग्री बांटने का हिसाब मिला है। 


युवकों ने कहा कि उनका अलवर सहित प्रदेश व देश की कई प्राइवेट यूनिवर्सिटी में टाइअप है। वे हाथों हाथ डिग्री व डिप्लोमा देने के बाद संबंधित यूनिवर्सिटी में कागजों की पूर्ति करते हैं। ताकि रिकॉर्ड अपडेट हो सके। युवकों ने बताया कि वे BSC, BBA, BCOM, PGDCA, MCA, DED, पॉलिटेक्निक व लाइब्रेरियन सहित अनेक तरह की डिग्री व डिप्लोमा देते हैं। 


पैसे लेने के तुरंत बाद वहीं पर आंसर शीट भरा लेते हैं, फिर रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी में जमा करा देते हैं। ताकि कभी कोई रिकॉर्ड मिलान हो जाए तो फर्जी नहीं लगे। ये लोग यूनिवर्सिटी में रिकॉर्ड अपडेट बाद में करते हैं। इससे मतलब निकाला जा रहा है कि युवकों की निजी यूनिवर्सिटी के साथ मिलीभगत है।


खुलासे के बाद भी पुलिस यूनिवर्सिटी के नाम नहीं बता रही। केवल चूरू की यूनिवर्सिटी का नाम बताया। बाकी अलवर सहित अन्य यूनिवर्सिटी के नाम बताने से पुलिस बचती रही। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने कहा कि अभी जांच चल रही है। जबकि आंसर शीट व डिग्री डिप्लोमा सहित अन्य कागजों पर यूनिवर्सिटी के नाम लिखे थे। कार्रवाई के बाद पुलिस ने युवाओं को सुझाव भी दिया कि फर्जीवाड़ा करने वालों के चक्कर में नहीं आएं। फर्जी दस्तावेज से लगी नौकरी भी हाथ से चली जाती है।

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FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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