ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई : फर्जी तरीके से बहाल आठ लैब टेक्नीशियन की गई नौकरी

MUNGER : मुंगेर में स्वास्थ विभाग में फर्जी तरीके से बहाल लैब टेक्नीशियन पर स्वास्थ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सभी की सेवा समाप्त कर दी गयी है। वहीं फर्जी बहाल हुए लैब टेक्

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई : फर्जी तरीके से बहाल आठ लैब टेक्नीशियन की गई नौकरी
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUNGER : मुंगेर में स्वास्थ विभाग में फर्जी तरीके से बहाल लैब टेक्नीशियन पर स्वास्थ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। सभी की सेवा समाप्त कर दी गयी है। वहीं फर्जी बहाल हुए लैब टेक्नीशियन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। मिली जानकारी के अनुसार लैब टेक्नीशियन की बहाली फर्जी लेटर निकालकर वर्ष 2022 में की गई थी। 


तब से ये लोग ड्यूटी पर आ रहे थे और विभाग से वेतन भी  उठा रहे थे। लेकिन जब वेतन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी को ऑनलाइन किया गया तब इस मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी कर्मियों पर कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी। मुंगेर सिविल सर्जन विनोद कुमार सिन्हा ने लेटर जारी करते हुए सभी फर्जी कर्मियों की सेवा समाप्त करने का आदेश दिया है। साथ ही सीएस के निर्देश पर पीएचसी अधिकारी ने सम्बन्धित थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। 


इन फर्जी आदेश पत्र में तारापुर अनुमंडल में तीन, हवेली खड़गपुर में तीन और संग्रामपुर में दो लोगों की नियुक्त की गई थी। ये सभी फर्जी कर्मी अप्रैल, 2022 में अपने कार्यस्थल पर योगदान कर चुके थे। लेकिन जब विभाग को इनकी फर्जी नियुक्ति की भनक लगी तो ये सभी मार्च-अप्रैल, 2024 से फरार हो गये। सिविल सर्जन विनोद कुमार सिन्हा ने बताया कि कुल आठ फर्जी प्रयोगशाला प्रावैधिक की सेवा समाप्त करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दे दिया गया है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें