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सहरसा में पुलिस की दबंगई: शराब कारोबारी का भाई होने की मिली खौफनाक सजा, शख्स को पीट-पीटकर पहुंचा दिया अस्पताल

SAHARSA: सहरसा में एक शख्स को शराब कारोबारी का भाई होने की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। घर से उठाकर थाने ले गई पुलिस ने शख्स को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी हालत खराब हो गई और उसे अस्प

सहरसा में पुलिस की दबंगई: शराब कारोबारी का भाई होने की मिली खौफनाक सजा, शख्स को पीट-पीटकर पहुंचा दिया अस्पताल
Mukesh Srivastava
3 मिनट

SAHARSA: सहरसा में एक शख्स को शराब कारोबारी का भाई होने की भारी कीमत चुकानी पड़ी है। घर से उठाकर थाने ले गई पुलिस ने शख्स को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी हालत खराब हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस की पिटाई से घायल शख्स सदर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। सहरसा पुलिस का यह कारनामा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। 


दरअसल, सहरसा पुलिस की कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जिले के बसनही थाना क्षेत्र का है, जहां रात के अंधेरे में एक अधेड़ को घर से उठाकर थाने ले गई पुलिस ने जमकर मारपीट की है। अधेड़ की गलती बस इतनी है कि पुलिस के नजर में वह एक शराब कारोबारी का भाई है। घायल वकील यादव ने बताया कि बीते 20 जून की रात जब खाना खाकर घर में सो गया। तो देर रात बसनही थानाध्यक्ष अविनाश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम पहुंची और उठाकर ले जाने लगी।


वकील यादव ने जब इसका कारण पूछा तो थानाध्यक्ष अविनाश कुमार आपे से बाहर हो गए और गांव के विषहरी स्थान के पास लेजाकर रस्सी से हाथ पैर बांधकर मारपीट करने लगे और पूछने लगे की तुम्हारे भाई प्रमोद यादव का शराब कहां है। लाख मिन्नतों के बाद थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस कर्मियों ने बेरहमी से मारपीट की और बाद में उसे सड़क के किनारे फेंक कर वहां से चले गए।


ग्रामीणों द्वारा घटना की जानकारी दिए जाने के बाद परिजन आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और घायल वकीय यादव को उठाकर घर ले गए। अगले दिन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित वकील यादव के मुताबिक वह अपने भाई से 20 वर्षों से अलग रहता है और फिलहाल जेल में बंद है। पीड़ित का कहना है कि वह एक किसान है और पुलिस बेवजह शराब का आरोप लगाकर परेशान कर रही है।


बता दें कि बसनही थानाध्यक्ष का तबादला 2022 में ही हो गया है, बाबजूद उन्हे विरमित नही किया गया है। पुलिस मुख्यालय ने राज्य के विभिन्न जिलों में पदस्थापित 20 एसआई को अगले आदेश तक के लिए मद्य निषेध प्रभाग में तबादला किया था। थानाध्यक्ष कि माने तो उनके ऊपर लगे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। प्रमोद यादव शराब कारोबारी है, जो बीते महीने से जेल में बंद है और जेल में रहने वाले को पुलिस क्यों खोजेगी।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता