SAHARSA : अपराध पर अंकुश लगाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए अपराधियों को सलाखों में बंद कर रखा जाता है। ताकि इनकी आदत में बदलाव हो और समाज में बेहतर इंसान बनकर रह सकें। लेकिन, इसके बाबजूद अपने आदतों से मजबूर ये अपराधी हर बार मौके की तलाश में लगे रहते हैं आख़िरकार एक मौका मिले और वो जेल से फरार हो जाए। इसी कड़ी में अब एक मामला बिहार के सहरसा से निकल कर सामने आया है। यहां, जेल से इलाज करवाने के बहाने अस्पताल आया एक कैदी पुलिस को चकमा देकर करार हो गया।
दरअसल, सहरसा मंडल कारा से रेफर होकर सदर अस्पताल में इलाज के लिए दो सुरक्षा गार्ड के साथ पहुंचे कैदी अंकित कुमार ने इलाज के दौरान ही पुलिसकर्मियों को चकमा दें अस्पताल से फरार हो गया। जिसके बाद पुरे अस्पताल और पुलिस महकमें में अफरा- तफरी मच गई है। इस कैदी को कुछ दिन पहले स्थानीय बड़ी दुर्गा मंदिर गेट स्थित मसाले कि दुकान से चोरी करने के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
बताया जा रहा है कि, कैदी अंकित कुमार का तबियत अचानक से मंडल कारा में खराब हो गया। जिसके बाद इसे इलाज के लिए दो सुरक्षाकर्मियों के साथ सदर अस्पताल भेजा गया। जहां उक्त कैदी को इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक ने इलाज किया। फिर बेहतर इलाज के लिए इसे सदर अस्पताल में एडमिट कर लिया गया था। इसे सदर अस्पताल परिसर स्थित कैदी वार्ड ले जाया गया। जहां कैदी वार्ड में दोनों पुलिसकर्मी वार्ड के अंदर ही बैठे रहे। इसी दौरान कैदी ने पेशाब करने का बहाना बनाकर बाहर निकला। जिसके बाद वे कैदी वार्ड के गेट की कुंडी बाहर से लगाकर और पीछे की चारदीवारी फांदकर फरार हो गया। कैदी के भागने के साथ ही दोनों पुलिसकर्मी जोर जोर से चीख पुकार मचाने लगे, लेकिन कैदी फरार होने में कामयाब रहा।
वहीं, इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी की माने तो एक कैदी को लेकर दो पुलिसकर्मी कैदी वार्ड पहुंचे थे। जहां पुलिसकर्मी कैदी को लेकर भीतर गए। थोड़ी ही देर बाद कैदी बाहर निकला और कैदी वार्ड के मुख्य द्वार का गेट को बाहर से बंदकर पीछे की चारदीवारी को कूदकर भाग गया। वहीं इस बाबत सदर थानाध्यक्ष सुधाकर कुमार ने बताया कि मंडल कारा से ईलाज के लिए पहुंचे एक कैदी सदर अस्पताल से भागने में सफल रहे हैं। सूचना दी गई है, मामला दर्जकर आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




