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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए बार-बार लगाना पड़ रहा है थाने का चक्कर, मृतका की बहन ने की केस के आईओ को बदलने की मांग

PATNA: पटना के चर्चित रिमझिम मर्डर केस में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। इस केस के आईओ और नौबतपुर के थानेदार पर गंभीर आरोप लगा है। मृतका की छोटी बहन श्वेता पाठक पुलिस प

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए बार-बार लगाना पड़ रहा है थाने का चक्कर, मृतका की बहन ने की केस के आईओ को बदलने की मांग
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PATNA: पटना के चर्चित रिमझिम मर्डर केस में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई हैं। इस केस के आईओ और नौबतपुर के थानेदार पर गंभीर आरोप लगा है। मृतका की छोटी बहन श्वेता पाठक पुलिस पर यह आरोप लगाया है। श्वेता कहती है कि 8 बार थाने का चक्कर लगाने के बावजूद अब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी गयी है। यहां तक की इस केस की एफआईआर कॉपी भी देना पुलिस ने मुनासिब नहीं समझा। एफआईआर की कॉपी श्वेता ने कोर्ट से निकाली है। उसका यह भी कहना है कि थाना से एफआईआर की कॉपी लेना उसका अधिकार है लेकिन इससे भी उसे वंचित रखा गया है। श्वेता पाठक ने केस के आईओ को बदलने की मांग की है। 


श्वेता पाठक सवाल कर रही है कि बड़ी बहन की हत्या मामले में अब तक पुलिसिया कार्रवाई क्या की गयी है? इस संबंध में उसे भी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। रिमझिम की छोटी बहन श्वेता का कहना है कि इस केस के आईओ को उसने कई बार फोन किए लेकिन फोन तक रिसीव नहीं किया गया जिसके बाद उसने मैसेज भी भेजा लेकिन उसका भी रिप्लाई नहीं मिला। जिसके बाद श्वेता ने एसपी को भी मैसेज किया। 


श्वेता कहती है कि उनकी ओर से भी किसी तरह का रिप्लाई नहीं की गयी। श्वेता ने बताया कि पुलिस ने इस केस को तंत्र-मंत्री की कहानी से जोड़ दिया जो पूरी तरह से झूठी और मनगढंग बात है। श्वेता कहती है कि इस केस को लेकर उसे बार-बार नौबतपुर जाना पड़ता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए वह 8 बार बोरिंग रोड से नौबतपुर गयी लेकिन हमेशा खाली हाथ ही लौटना पड़ा। अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दिया गया है। 


श्वेता ने कहा कि जब भी नौबतपुर थाना जाती हूं फोन और मैसेज करके जाती हूं इसके बावजूद पुलिस के किसी पदाधिकारी से ना तो मुलाकात हो पाती है और ना पोर्स्टमार्टम रिपोर्ट भी दी जाती है। इस केस के संबंध में श्वेता कई बातें पुलिस के समक्ष रखना चाहती है लेकिन उसकी बात सुनी नहीं जा रही है। केस का आईओ हो या पुलिस का कोई भी पदाधिकारी वे इस केस को लेकर उससे मिलना नहीं चाहते। श्वेता ने यह भी कहा कि चाहे जो भी हो वह इस केस के आईओ के खिलाफ पुलिस के वरीय अधिकारियों से मिलकर रहेगी और आईओ को बदलने की मांग करेगी।


लास्ट नवम्बर में ही पटना पुलिस ने रिमझिम चतुर्वेदी हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस ने इस मामले में 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया था। पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने यह जानकारी दी थी कि रिमझिम की हत्या 4 लाख रुपये की सुपारी देकर कराई गई थी। हत्या करवाने वाला रिमझिम चतुर्वेदी के जान पहचान का युवक रोहित था। डॉक्टर की पत्नी रिमझिम चतुर्वेदी पूनम नामक एक युवती को जानती थी। पूनम का बॉयफ्रेंड रोहित उसके जरीये रिमझिम चतुर्वेदी के संपर्क में आया। रोहित लगातार कुछ सालों से परेशान चल रहा था। उसकी परेशानी के बारे में पूनम ने रिमझिम चतुर्वेदी को बताया था। रिमझिम चतुर्वेदी झाड़-फूंक का काम भी किया करती थी। उसने दावा किया कि झाड़-फूंक के जरीये वह रोहित की परेशानियों को दूर कर देगी।


पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने बताया था कि एक निजी कंपनी में रोहित मैनेजर था। शुरुआती दौर में जब रिमझिम चतुर्वेदी ने उसके लिए झाड़-फूंक का काम करना शुरू किया तब रोहित को उससे फायदा हुआ। मुजफ्फरपुर निवासी रोहित बाद में रिमझिम चतुर्वेदी के झाड़-फूंक से अलग हटना चाहता था जो रिमझिम को नापसंद था। इसी दौरान रिमझिम से छुटकारा पाने के लिए रोहित ने जमीन दिखाने के बहाने रिमझिम को नौबतपुर ले जाने की योजना बनाई। अपने साथियों के सहयोग से दो शूटरों को हायर कर उसकी हत्या करवा दी। हैरानी की बात यह है कि शूटरों को सुपारी के लिए दिए जाने वाले चार लाख रुपये रंजीत ने रिमझिम चतुर्वेदी से ही इंटरेस्ट पर उधार लिए थे। पुलिस ने सुपारी के पैसे और हत्या में उपयोग हुआ पिस्टल बरामद किया है। 24 नवंबर को पटना के नौबतपुर में रिमझिम की हत्या कर शव को फेंका गया था।