ब्रेकिंग
अनंत सिंह की विधायकी खत्म कराने की जल्दबाजी, सजा के बावजूद राजू सिंह पर कार्रवाई क्यों नहीं? पप्पू यादव ने उठाए सवाल✦बिहार में शिक्षा विभाग की DPO पर शिकंजा, रूबी कुमारी के 4 ठिकानों पर EOU की रेड, भ्रष्टाचार से बनाई अकूत संपत्ति✦निर्दलीय MLC को पार्टी में शामिल कराने पर बढ़ा विवाद, संजय सरावगी ने NDA को बताया एकजुट, BJP-JDU के रिश्ते ठीक हैं?✦नेपाल में लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टरों की टक्कर, भारतीय मूल के एक व्यक्ति की मौत✦बिहार पुलिस की बड़ी रेड: घर से मिले 12.33 लाख कैश और मादक पदार्थ, पिता-पुत्र समेत 3 गिरफ्तार; असम तक फैला ड्रग सिंडिकेट✦अनंत सिंह की विधायकी खत्म कराने की जल्दबाजी, सजा के बावजूद राजू सिंह पर कार्रवाई क्यों नहीं? पप्पू यादव ने उठाए सवाल✦बिहार में शिक्षा विभाग की DPO पर शिकंजा, रूबी कुमारी के 4 ठिकानों पर EOU की रेड, भ्रष्टाचार से बनाई अकूत संपत्ति✦निर्दलीय MLC को पार्टी में शामिल कराने पर बढ़ा विवाद, संजय सरावगी ने NDA को बताया एकजुट, BJP-JDU के रिश्ते ठीक हैं?✦नेपाल में लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टरों की टक्कर, भारतीय मूल के एक व्यक्ति की मौत✦बिहार पुलिस की बड़ी रेड: घर से मिले 12.33 लाख कैश और मादक पदार्थ, पिता-पुत्र समेत 3 गिरफ्तार; असम तक फैला ड्रग सिंडिकेट

मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने किया सरेंडर, करप्शन का आरोप लगने के बाद से फरार थे राजेंद्र प्रसाद

PATNA: भ्रष्टाचार के आरोपी मगध विश्वविद्यालय (MU)के पूर्व कुलपति राजेंद्र प्रसाद ने आखिरकार सरेंडर कर दिया। वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपी राजेंद्र प्रसाद फरार चल रहे थे।

मगध विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने किया सरेंडर, करप्शन का आरोप लगने के बाद से फरार थे राजेंद्र प्रसाद
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: भ्रष्टाचार के आरोपी मगध विश्वविद्यालय (MU)के पूर्व कुलपति राजेंद्र प्रसाद ने आखिरकार सरेंडर कर दिया। वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपी राजेंद्र प्रसाद फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) बिहार और यूपी में लगातार छापेमारी कर रही थी। लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई। लगातार हो रही छापेमारी को देखते हुए राजेन्द्र प्रसाद ने आज आत्मसमर्पण कर दिया। 


एमयू के पूर्व कुलपति ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी थी लेकिन उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया। जिसके बाद से वे फरार चल रहे थे। विशेष निगरानी इकाई ने उन्हें कई बार समन जारी किया लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। एसवीयू की लगातार कार्रवाई से घबराकर उन्होंने आज सरेंडर कर दिया। बता दें कि आय से अधिक संपत्ति मामले में पटना,गोरखपुर,बोधगया सहित कई ठिकानों पर छापेमारी की गयी थी। जहां से 3 करोड़ कैश और 30 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ था। 


पूर्व कुलपति राजेंद्र प्रसाद पर आरोप यह था  कि उन्होंने 30 करोड़ रुपए का बंदरबांट किया था। टेंडर प्रॉसेस को दरकिनार कर लखनऊ की दो कंपनियों को मगध विश्वविद्यालय में सामान सप्लाई का जिम्मा दिया था। बता दें कि राजेंद्र प्रसाद यूपी के गोरखपुर के रहने वाले हैं। गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ यूपी में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। जबब वे प्रयागराज राज्य विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति बने थे तभी से चर्चा में आ गए थे।