ब्रेकिंग
धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....

जानिये नीतीश राज में कितना पैसा कमा रहे हैं कर्मचारी-अधिकारी: एक सीआई ने खरीदा 100 बीघा जमीन, कई थानेदारों ने अकूत संपत्ति बनायी

PURNIA: बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस वाले सुशासन में एक सरकारी कर्मचारी या अधिकारी कितना पैसा कमा सकता है. उतना जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं. सूबे के एक सर्किल इंस्पेक

जानिये नीतीश राज में कितना पैसा कमा रहे हैं कर्मचारी-अधिकारी: एक सीआई ने खरीदा 100 बीघा जमीन, कई थानेदारों ने अकूत संपत्ति बनायी
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PURNIA: बिहार में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस वाले सुशासन में एक सरकारी कर्मचारी या अधिकारी कितना पैसा कमा सकता है. उतना जिसका आप अंदाजा नहीं लगा सकते हैं. सूबे के एक सर्किल इंस्पेक्टर ने 100 बीघा से ज्यादा जमीन खरीद लिया है. हम आपको बता दें कि सर्किल इंस्पेक्टर भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग का सबसे छोटा अधिकारी होता है. राजस्व कर्मचारी को प्रमोशन देकर सर्किल इंस्पेक्टर बनाया जाता है. बिहार में ऐसे कई कर्मचारियों-अधिकारियों की कुंडली सामने आ रही है जिन्होंने छोटे पद पर रहकर भी इतना कमाया जिसकी आप कल्पना तक नहीं कर सकते।


आर्थिक अपराध इकाई की जांच में हो रहा खुलासा

बिहार में अवैध संपत्ति अर्जित करने का सबसे बड़ा केंद्र सीमांचल का इलाका बन गया है. सीमांचल की राजधानी माने जाने वाले पूर्णिया में जमीन खरीदने वालों की सूची खंगाली जा रही है तो राज्य सरकार की आर्थिक अपराध इकाई भी हैरान है. जमीन का कारोबार कर पूर्णिया में तैनात थानेदार से लेकर अंचल अधिकारी और अंचल निरीक्षक यानि सीआइ ने अकूत संपति बनायी है. अब ऐसे धन कुबेरों पर आर्थिक अपराध इकाई की नजर पड़ी है औऱ जल्द ही उन पर गाज गिर सकती है. ईओयू के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अकूत संपत्ति बनाने वालों में पूर्णिया के तीन थानेदार के अलावा एक अंचल के अंचल अधिकारी और दो सीआई शामिल हैं। 


एक सीआइ ने कराया सौ बीघा जमीन का एग्रीमेंट

आर्थिक अपराध इकाई यानि ईओय़ू के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक पूर्णिया के एक सीआइ ने कसबा प्रखंड में अपनी मां के नाम पर एक सौ बीघा से ज्यादा जमीन का एग्रीमेंट कराया है. जमीन मालिकों से एग्रीमेंट कराने के बाद सीआई ने उसे बेचने का भी सौदा कर लिया.  सीआई ने पूरी जमीन को बेचने का भी एग्रीमेंट कर दिया. उसने पूर्णिया के श्रीनगर के एक पूर्व मुखिया के साथ साथ केनगर प्रखंड के एक पंचायत के मुखिया पति समेत कई लोगों को उस जमीन को बेचने का कागजी अधिकार दे दिया. उन सबों के नाम एक नया एग्रीमेंट कर दिया गया. ईओयू के सूत्र बताते हैं कि उस सीआई ने अपनी मां के नाम पर तो जमीन ली ही है, अपने स्तर से भी कई जमीन की खरीद बिक्री की है. जमीन की सारी खरीद बिक्री उसी प्रखंड या अंचल में की गयी जहां वह पहले सीआई के तौर पर पोस्टेड था. कुछ महीने पहले उसे उस प्रखंड से हटाकर पड़ोस के प्रखंड में पोस्टेड किया गया है।


ईओयू के सूत्र बता रहे हैं कि पूर्णिया में ऐसे कारनामे करने वालों की लंबी लिस्ट है. पूर्णिया सदर अनुमंडल के थानों और अंचल कार्यालयों में पदस्थापित रहे कई थानेदार, अंचल अधिकारी और सीआई की कुंडली खंगाली जा रही है. ऐसे लोगों ने अपने कई रिश्तेदारों, सगे-संबधियों और दोस्तों के नाम से जमीन की खरीदी-बिक्री की है. कई अधिकारी पार्टनरशिप में जमीन का कारोबार कर रहे हैं. ईओयू सूत्रों के मुताबिक ये वैसे अधिकारी हैं जिनके पास भूमि विवाद के मामले सुलझाने के लिए आते हैं, वे मोटा फायदा उठा ले जाते हैं।


उधर, आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि आर्थिक अपराध इकाई वैसे सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की कुंडली खंगाल रही है जिन्होंने हाल के दिनों में अकूत संपति बनायी है. ईओयू वैसे मामलों की जांच करने में लगी है. जांच के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. 


इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें