ब्रेकिंग
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का PA बनकर जेल IG को किया फोन, एक कैदी को जेल ट्रांसफऱ करने के लिए कहा, फिर क्या था...तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, दो नाबालिग ममेरे भाइयों की मौत; तीसरा गंभीरPM मोदी का वीडियो हटाने पर संसदीय समिति सख्त, जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी मांगने की चेतावनीपप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की जीत के बहाने RJD पर बोला हमला, तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर उठाए सवालक्या 2,000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट करना होगा महंगा? जानिए किस पर पड़ेगा असर और क्या है पूरा नियमकेंद्रीय मंत्री ललन सिंह का PA बनकर जेल IG को किया फोन, एक कैदी को जेल ट्रांसफऱ करने के लिए कहा, फिर क्या था...तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, दो नाबालिग ममेरे भाइयों की मौत; तीसरा गंभीरPM मोदी का वीडियो हटाने पर संसदीय समिति सख्त, जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी मांगने की चेतावनीपप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की जीत के बहाने RJD पर बोला हमला, तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर उठाए सवालक्या 2,000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट करना होगा महंगा? जानिए किस पर पड़ेगा असर और क्या है पूरा नियम

रांची समेत झारखंड के 8 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, 750 करोड़ के GST घोटाले का मामला

झारखंड में 750 करोड़ रुपये के GST घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई। रांची, जमशेदपुर, कोलकाता और मुंबई में 8 जगहों पर छापेमारी। शेल कंपनियों और हवाला नेटवर्क की भूमिका सामने आई।

Jharkhand
ईडी की बड़ी कार्रवाई
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

RANCHI: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 750 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी मामले में गुरुवार को झारखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई।


जानकारी के अनुसार, ईडी ने रांची, जमशेदपुर, कोलकाता और मुंबई समेत कुल 8 ठिकानों पर छापे मारे हैं। यह मामला फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के जरिए 750 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है, जिसमें शेल कंपनियों और अनधिकृत वित्तीय माध्यमों का इस्तेमाल किया गया था।


रांची के पीपी कंपाउंड स्थित कृष्णा अपार्टमेंट में ईडी ने एक कारोबारी के फ्लैट पर छापा मारा। इसके अलावा, पांच से छह अन्य लोकेशनों पर भी छापेमारी की गई। सूत्रों के अनुसार, इस केस की शुरुआत शिव कुमार देवरा नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद हुई, जिसे मई 2025 में पकड़ा गया था। जुलाई 2025 में उसके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। 


ईडी को जांच में कई व्यक्तियों और फर्मों की संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं, जो अवैध धन को वैध बनाने की प्रक्रिया में शामिल थे। इससे पहले भी ईडी ने मई में इसी मामले में छापेमारी की थी। अब जांच के नए सिरे से मिले सबूतों के आधार पर दोबारा कार्रवाई की गई है।