ब्रेकिंग
Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी✦Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी

Bihar Crime News: बिहार की कोर्ट में ऐसा क्या हुआ कि जज ने क्रिमिनल लॉयर को ही भेज दिया जेल? 32 साल पुरानी है कहानी, जानिए..

Bihar Crime News: दरभंगा व्यवहार न्यायालय ने 32 साल पुराने हत्या मामले में चर्चित क्रिमिनल वकील अम्बर इमाम हासमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कोर्ट परिसर में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया।

Bihar Crime News
© reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Crime News: दरभंगा व्यवहार न्यायालय के एडीजे तृतीय सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने शुक्रवार को एक 32 साल पुराने हत्या के मामले में चर्चित क्रिमिनल लॉयर अम्बर इमाम हासमी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया। अम्बर हासमी सहित उनके दो अन्य भाई इस मामले में अभियुक्त थे।


दरअसल, अदालत में मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन वकील अम्बर इमाम हासमी ने फॉर्म 317 भरकर अदालत को सूचित किया कि वे जिला से बाहर हैं और उपस्थित नहीं हो सकते। हालांकि, उसी दिन अम्बर हासमी एक अन्य केस की बहस के लिए एडीजे तृतीय की अदालत में ही उपस्थित हो गए। 


न्यायाधीश ने उन्हें देखकर आश्चर्य जताते हुए सवाल किया कि जब वे अवकाश पर हैं, तो बहस कैसे कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें कस्टडी में लेने का आदेश दिया, जिससे पूरे कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस बल की तैनाती के साथ वकील को हिरासत में लिया गया। इस दौरान उनके साथ मौजूद एक अन्य वकील सुशील कुमार चौधरी को भी पुलिस ने पकड़कर लहेरियासराय थाना ले जाया, जहां कथित रूप से धक्का-मुक्की हुई और उनके कपड़े तक फट गए। इस घटना पर अधिवक्ताओं ने विरोध जताया है।


बता दें कि वर्ष 1994 में हनुमाननगर थाना क्षेत्र के पटोरी बसंत गांव में दर्जनों राउंड फायरिंग के दौरान रामकृपाल चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई थी और छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में विशनपुर थाना कांड संख्या 58/1994 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब 32 साल बाद अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान यह कार्रवाई की गई।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता