ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

CPO सुरेंद्र पासवान निकला सिपाही भर्ती परीक्षा का सेटर, बिजली ऑफिस में 7-7 लाख में हुई थी डील, पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को भेजा गया जेल

GOPALGANJ: 18 अगस्त को गोपालगंज से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन पर सिपाही भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण में पेपर लीक करने की साजिश रचने का आरोप लगा था। गिरफ्तार 4 लोगों

CPO सुरेंद्र पासवान निकला सिपाही भर्ती परीक्षा का सेटर, बिजली ऑफिस में 7-7 लाख में हुई थी डील, पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को भेजा गया जेल
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

GOPALGANJ: 18 अगस्त को गोपालगंज से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इन पर सिपाही भर्ती परीक्षा के तीसरे चरण में पेपर लीक करने की साजिश रचने का आरोप लगा था। गिरफ्तार 4 लोगों में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (CPO) सुरेन्द्र कुमार पासवान, महम्मदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया निवासी अभिषेक उर्फ शिवदानी सिंह, थावे के हरदिया गांव निवासी बिजली कर्मी रंजीत और सिधवलिया थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के रहने वाले दीपक कुमार सिंह शामिल है। 


इन सभी से गोपालगंज पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ की तो पता चला कि सीपीओ सुरेंद्र पासवान सिपाही भर्ती परीक्षा का सेटर है। पूरे गैंग की कमान उसी के हाथ में थी। उसने कई अभ्यर्थियों को झांसे में लिया था। 7 लाख में सिपाही भर्ती परीक्षा पास कराने की बात हुई थी। परीक्षा के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने, परीक्षा में दूसरे व्यक्ति को बिठाने और सेंटर पर चीट-पुर्जा पहुंचाने के नाम पर पैसे ऐंठने का आरोप इन चारों पर मन्नु नामक एक छात्र ने लगाया है। जिसके बाद इनकी गिरफ्तारी हुई। 


जब पुलिस ने इन आरोपियों से पूछताछ की तब चौकाने वाली बात का पता चला। सीपीओ सुरेंद्र पासवान की परीक्षा केंद्रों पर मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगती थी। पैसे की डील बिजली विभाग के दफ्तर में होती थी। इन सेटरो ने 30 अभ्यर्थियों को सिपाही की परीक्षा पास कराने का झांसा देकर उनका एडमिट कार्ट और सर्टिफिकेट अपने पास बंधक रख लिया था। पूरा पैसा देने पर इसे वापस करने की बात हुई थी। 


इस रैकेट में कुछ कोचिंग संचालकों की भी संलिप्तता होने की आशंका जतायी जा रही है। हालांकि आरोपितों के पास से प्रश्न पत्र नहीं मिल पाया है। फिलहाल पुलिस बरामद चार मोबाइल का कॉल डिटेल्स खंगालने में लगी है। वही इन सभी के बैंक अकाउंट की भी जांच की जा रही है। फिलहाल इन चारों आरोपियों से पूछताछ के बाद जेल भेजा गया है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। 

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें