ब्रेकिंग
कलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्टबिहार के एक 'थानेदार' को 3 सजा की सजा...25 हजार का जुर्माना, 6 हजार रू घूस लेते निगरानी ब्यूरो ने किया था गिरफ्तार पटना में एक और 'फ्लाईओवर'...पटना सिटी तक का सफर होगा आसान, बदलेगा राजधानी का ट्रैफिक सिस्टमकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली Bihar Bhumi: बिहार में टोपोलैंड का भी होगा सर्वेक्षण, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बुलाई अहम बैठक; जिलों से मांगी रिपोर्टबिहार के एक 'थानेदार' को 3 सजा की सजा...25 हजार का जुर्माना, 6 हजार रू घूस लेते निगरानी ब्यूरो ने किया था गिरफ्तार पटना में एक और 'फ्लाईओवर'...पटना सिटी तक का सफर होगा आसान, बदलेगा राजधानी का ट्रैफिक सिस्टम

बिहार के थानों की अब अलग-अलग कैटेगरी होगी, पुलिस मुख्यालय का नया फैसला

PATNA : बिहार के सभी थानों को अब अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाएगा। बिहार पुलिस मुख्यालय ने थानों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटने का फैसला किया है। सूबे के सभी थानों को कुल 4 कैटेगरी म

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

PATNA : बिहार के सभी थानों को अब अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जाएगा। बिहार पुलिस मुख्यालय ने थानों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटने का फैसला किया है। सूबे के सभी थानों को कुल 4 कैटेगरी में रखा जाना है। पुलिस मुख्यालय ने अतिसंवेदनशील, संवेदनशील, नक्सल और सामान्य कैटेगरी बनाई है। 

थानों को अलग-अलग कैटेगरी में बांटे जाने के पीछे बेहतर पुलिस प्रबंधन मकसद है। थानों की कैटेगरी बांटने के लिए पुलिस मुख्यालय ने अपराधिक घटनाओं को आधार बनाया है। किस थाने में कितनी अपराधिक घटनाएं हुई घटनाएं, किस तरह की थी इसी आधार पर थानों को अलग-अलग कैटेगरी में रखा जाना है।


पुलिस मुख्यालय की तरफ से इसकी पहचान का काम भी शुरू कर दिया गया है। बिहार पुलिस का मकसद कानून व्यवस्था, नक्सल, सांप्रदायिक हिंसा और अपराध पर नियंत्रण पाना है लिहाजा यह नई तैयारी की गई है। अब थानों को मुख्यालय की कसौटी पर कसे जाने के बाद उनकी कैटेगरी हासिल होगी।


टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Santosh Singh

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें