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Bihar Crime News: 14 साल पुराने केस में बिहार की कोर्ट ने SP को किया शोकॉज, DSP, SI और डॉक्टर के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी

Bihar Crime News: 14 साल पुराने डेबा हत्याकांड मामले में बगहा कोर्ट ने सीतामढ़ी के डीएसपी, दारोगा और डॉक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया. एसपी को शोकॉज नोटिस भी जारी किया गया है. कोर्ट ने 10 जून को अगली सुनवाई तय की है।

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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Crime News: बिहार के बगहा सिविल कोर्ट से एक महत्वपूर्ण आदेश सामने आया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने सीतामढ़ी के डीएसपी अतनु दत्ता, दारोगा अमरेश कुमार सिंह और डॉक्टर ए.के. तिवारी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है।


दरअसल, यह मामला वर्ष 2011 के डेबा हत्याकांड से जुड़ा है। साल 2011 के तीन दिसंबर को चुन्नू डोम और अन्य अपराधियों ने मिलकर डब्लू राम उर्फ डोबा की हत्या कर दी थी। इस केस के कुल 9 गवाह है। 14 साल बीत जाने के बावजूद 9 में से महज तीन गवाहों की गवाही हो सकी है। गवाही के अभाव में पिछले 14 वर्षों से केस लंबित है। 


इस केस में मृतक का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ए.के तिवारी, केस के आईओ अतानु दत्ता और अमरेश कुमार सिंह की गवाही नहीं हो सकी है। केस के आईओ अतानु दत्ता वर्तमान में डीएसपी के पद पर सीतामढ़ी में तैनात हैं इसके साथ ही दारोगा अमरेश कुमार भी वर्तमान में दूसरे जिला में तैनात हैं।


इन अधिकारियों की गवाही नहीं होने के कारण न्याय प्रक्रिया में बाधा आ रही थी। हाल ही में कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन वारंट की तामील नहीं होने पर बगहा एसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील को सुनने के बाद कहा कि पटना हाई कोर्ट के निर्देश के बावजूद हत्या जैसे मामले में गवाही के लिए कोर्ट में उपस्थित नहीं होना, कर्तब्य के प्रति उदासीनता का उदाहरण है।


कोर्ट ने बगहा एसपी से पूछा कि आखिर किन परिस्थितियों ने केस के आईओ और डॉक्टर के खिलाफ जारी गैर जमानतीय वारंट का तामिला रिपोर्ट पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 10 जून तय की, जिसमें सभी संबंधितों को हर हाल में उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। बगहा सिविल कोर्ट के एडीजे-4 की अदालत ने तीनों को गिरफ्तार कर पेश करने का निर्देश बगहा एसपी को दिया है।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता