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Bihar Crime News: चर्चित 'देवर-भाभी' हत्याकांड में तीनों सीरियल किलर को उम्रकैद की सजा

Bihar Crime News: बेतिया के देवर-भाभी हत्याकांड में तीन सीरियल किलरों अमल, कमल और हीरा यादव को उम्रकैद की सजा हुई है। कोर्ट ने एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। पेट फाड़कर हत्या करने वाले इन अपराधियों का आपराधिक इतिहास भी आया सामने।

Bihar Crime News
सीरियल किलर अमल, कमल और हीरा यादव
© रिपोर्टर
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar Crime News: बेतिया के चर्चित देवर-भाभी हत्याकांड में जिला जज चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने तीन सीरियल किलरों अमल उर्फ अमला यादव, कमल यादव और हीरा यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों को भादवि की धारा 302 के तहत दोषी पाया गया और प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने पर छह-छह महीने की अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी।


कोर्ट ने पाया कि इन अभियुक्तों ने 5 जून 2023 को एक ही रात में थोड़े अंतराल पर दो बुजुर्गों, झलरी देवी और पहवारी यादव की चाकू से पेट फाड़कर हत्या की थी। अभियुक्तों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है, जिसमें समान तरीके से हत्याएं शामिल हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया है, जिसके बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।


इस मामले में जांच अधिकारी, डॉक्टर समेत नौ गवाहों की साक्ष्य निर्णायक रही है। पटना उच्च न्यायालय के आदेश (क्रिमिनल मिसलेनियस संख्या 29489/2025) के तहत 20 जून 2025 तक स्पीडी ट्रायल के जरिए मामले का निपटारा करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने गंभीरता से सुनवाई की और पटना के कदमकुआं थानेदार अजय कुमार को गवाही के लिए तलब किया। गवाहों की साक्ष्य और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने हत्याओं को सत्य माना। तीनों अभियुक्त वासुदेव यादव गैंग से जुड़े थे और समाज में अपना दबदबा कायम करने के लिए क्रूर हत्याएं करते थे।


अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी गंभीर है। धनहा थाने में कमल यादव के खिलाफ कांड संख्या 232/22, 81/23, 121/23, 105/23 (हत्या और हत्या के प्रयास), अमला यादव के खिलाफ कांड संख्या 232/22, 105/23, 121/23, और हीरा यादव के खिलाफ कांड संख्या 232/22, 81/23, 121/23, 105/23 (लूट, हत्या, हत्या के प्रयास) दर्ज हैं। इस मामले में भी इन्होंने चाकू से पेट फाड़कर दोहरी हत्या की थी। कोर्ट ने इन्हें समाज के लिए खतरा मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।