ARA : बिहार के भोजपुर जिले में पिछले 12 दिन के अंदर 10 लोगों की हत्या कर दी गई है। इसमें तो कुछ ऐसे भी मामले शामिल है, जिसमें अपराधी ने दिनदहाड़े बिच बाजार में गोली मार दी है। वहीं, जिले में बढ़ते अपराध को लेकर लोगों में अब आक्रोश का माहौल बन गया है। जिसके बाद अब आज पिछले रात हुए एक युवक की हत्या के आक्रोश में आरा शहर को जाम कर दिया है।
दरअसल, शनिवार शाम भोजपुर जिला मुख्यालय आरा में अपराधियों द्वारा आटा मिल के अपना काम कर रहे पिता - पुत्र को गोली मार दी है। जिसके बाद पुत्र की मौत हो गई है। वहीं, इस घटना के बाद आरा शहर में आक्रोश का माहौल बन गया है। शहर निवासी युवक का शव बीच सड़क पर रखकर पुरे शहर को जाम कर दिया है। इन लोगों द्वारा नगर थाना क्षेत्र के शिवगंज,दुर्गा मंदिर के समीप सड़क को जाम कर दिया गया है। वहीं, मृत युवक के परिजनों का कहना है कि वह इस घटना में शामिल अपराधियों का जल्द से जल्द गिरफ्तारी चाहती हैं, साथ ही उस पर कड़ी कार्रवाई करने का भी मांग करती है। दूसरी तरफ आक्रोशित लोगों का कहना है कि हमलोग भी अपराधियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
इधर, जिलें में लगातार बढ़ रहे अपराध को लेकर प्रसाशन भी काफी परेशान नजर आ रहा है। भोजपुर जिलाधिकारी इस बाबत एक पत्र भी जारी किया है। जिलाधिकारी राजकुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर थाना आरा,पीरो एवं जगदीशपुर थाना को पत्र जारी किया है। इस पत्र के आदेश दिया है कि जिले में बढ़ रहे अपराधिक घटनाओं पर जल्द से जल्द नियंत्रण करें।
पत्र में लिखा गया है कि कुछ दिनों से अपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है।घटनाओं के कारण आमजनों में भय एवं असुरक्षा का माहौल कायम हो गया है। साथ ही इसके कारण आमजन में प्रशासन के विरुद्ध आक्रोश भी व्याप्त है। इससे प्रक्षलित होता है कि विधि–व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक/पुलिस पदाधिकारियों द्वारा अपने दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही जिलाधिकारी द्वारा बढ़ते अपराधिक घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए 8 बिंदु दिए गए हैं।
ये हैं वो 8 उपाय
. मादक पदार्थों/अवैध हथियारों आदि के परिवहन को रोकने के निमित सभी प्रमुख चौक चौराहों, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर चेकपोस्ट लगाकर नियमित रूप से सघन जांच की जाए..
• अपराध नियंत्रण के निमित्त सभी स्तरों पर सूचनाओं का संग्रहण किया जाए तथा आसूचनाओं के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जाए...
• अपराधिक इतिहास वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकतानुसार सामाजिक तत्वों के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता के सुसंगत धाराओं के अंतर्गत निरोधात्मक कार्रवाई की जाय..
• अपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों अथवा जिन व्यक्तियों के कारण अपराधिक घटना बढ़ने की संभावना हो उनके विरोध नियम अनुसार सीसीए के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव समर्पित किया जाए.
•अफवाह/द्वेष/नफरत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों/सोशल मीडिया एवं जिलों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा विभिन्न स्थानों पर चल रहे साइबर कैफे की औचक जांच की जाए...
• पूर्व से घटित अपराधिक घटनाओं वाले स्थानों तथा विभिन्न संप्रदायों के मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र पर विशेष निगरानी रखी जाय...
• भूमि विवाद से संबंधित महत्वपूर्ण मामलों की त्वरित गति से निष्पादन सुनिश्चित किया जाय..
• सभी थाना प्रभारी को निर्देशित किया जाए कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण सील रहकर अपराधिक घटनाओं को रोकने के निमित्त सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। यदि किसी घटनाओं के क्रम में थाना प्रभारी अन्य संबंधित पदाधिकारी का स्थिरता परिलक्षित होती है तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाय।




