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विद्या विहार में स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, रोबोटिक्स, स्मार्ट सिंचाई एवं तकनीकी परियोजनाएं रहीं आकर्षण का केंद्र

Purnea News: पूर्णिया के विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल, परोरा में IIT बॉम्बे के ई-सेल की राष्ट्रीय उद्यमिता प्रतियोगिता NEC Junior 2026 के तहत स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

Purnea News
© Reporter
Mukesh Srivastava
8 मिनट

Purnea News: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे (IIT Bombay) के उद्यमिता प्रकोष्ठ (E-Cell) द्वारा संचालित राष्ट्रीय उद्यमिता प्रतियोगिता (National Entrepreneurship Challenge – NEC Junior 2026) के अंतर्गत विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल, परोरा, पूर्णिया में स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्णिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-2 डॉ. गौरव कुमार एवं विद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया।



इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच, नवाचार, उद्यमशीलता और नेतृत्व क्षमता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। विद्यार्थियों द्वारा संचालित व्यावसायिक स्टॉल, मनोरंजक खेल, हस्तनिर्मित उत्पाद एवं तकनीकी परियोजनाएँ आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं।



स्टार्ट-अप मेले में दिखी विद्यार्थियों की व्यावसायिक प्रतिभा

मेले में विद्यार्थियों ने अपने व्यावसायिक विचारों को वास्तविक रूप देते हुए विभिन्न प्रकार के स्टॉल स्थापित किए। खाद्य एवं पाक-कला से संबंधित स्टॉलों में शाइनी स्टार, क्रेविंग्स एंड कैंडल्स, स्वीटटूथ, चटोरी अड्डा, कोसारा, द स्वीट एंड डिलीशियस बाइट्स तथा स्वीट-स्पाइसी खड़के ग्लास प्रमुख रहे।



इन स्टॉलों पर विद्यार्थियों ने विभिन्न खाद्य पदार्थों एवं आकर्षक उत्पादों की प्रस्तुति और बिक्री की। उत्पादों की तैयारी, लागत का आकलन, मूल्य निर्धारण, ग्राहकों से संवाद और बिक्री प्रबंधन जैसे कार्यों में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अनुभव ने उन्हें व्यावसायिक निर्णय लेने, वित्तीय जिम्मेदारी निभाने और ग्राहकों की अपेक्षाओं को समझने का व्यावहारिक अवसर प्रदान किया।



मनोरंजक खेलों में दिखी कल्पनाशीलता और प्रबंधन क्षमता

मेले में खेलों एवं मनोरंजक गतिविधियों से जुड़े स्टॉलों ने भी आगंतुकों को खूब आकर्षित किया। ओपी, माइंड क्राफ्ट–कार रेसिंग चैलेंज, लकी स्लाइड–विन प्राइज, एडवेंचरर्स तथा ब्रेन बज जैसे स्टॉलों पर विद्यार्थियों ने रोचक खेलों, प्रतियोगिताओं और चुनौतीपूर्ण गतिविधियों का संचालन किया। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, आयोजन क्षमता, टीमवर्क और आगंतुकों के साथ प्रभावी संवाद करने की दक्षता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।



कला और हस्तनिर्मित उत्पादों में झलकी रचनात्मक उद्यमिता

कला एवं हस्तशिल्प से जुड़े स्टॉल भी मेले का प्रमुख आकर्षण रहे। क्रिएटिव कॉर्नर, चेरिश 2.0, द आर्टफुल ऑरा, श्रीधा, कलाकृति तथा रंगरेज जैसे स्टॉलों पर विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा से तैयार हस्तनिर्मित उत्पादों, सजावटी वस्तुओं और रचनात्मक कलाकृतियों का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि कला और रचनात्मकता केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि उचित मार्गदर्शन और व्यावसायिक दृष्टिकोण के साथ उद्यमिता एवं स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान कर सकती हैं।



रोबोटिक्स, स्मार्ट सिंचाई और IoT परियोजनाओं ने आकर्षित किया ध्यान

कार्यक्रम की प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने रोबोटिक्स, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), स्वचालन तथा दैनिक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान पर आधारित विभिन्न मॉडल एवं परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं।



विद्यार्थियों ने आगंतुकों को अपने मॉडलों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता समझाई। इन परियोजनाओं में वैज्ञानिक सिद्धांतों का व्यावहारिक अनुप्रयोग, समस्या समाधान की क्षमता, तकनीकी दक्षता तथा नवीन तकनीकों के प्रति विद्यार्थियों की जिज्ञासा स्पष्ट दिखाई दी। प्रदर्शनी ने यह दर्शाया कि विद्यालय के विद्यार्थी केवल पाठ्यपुस्तकों में वर्णित सिद्धांतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने ज्ञान का उपयोग वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान में भी कर रहे हैं।



शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं : राजेश चंद्र मिश्रा

विद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज के बदलते दौर में शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, नए विचार विकसित करने, प्रयोग करने, जोखिम उठाने, असफलताओं से सीखने और अपने प्रयासों को निरंतर बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।



उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विद्यार्थियों में उद्यमशीलता की भावना विकसित करना आधुनिक शिक्षा का महत्वपूर्ण उद्देश्य होना चाहिए। जब विद्यार्थी स्वयं किसी उत्पाद या सेवा की योजना बनाते हैं, लागत निर्धारित करते हैं, ग्राहकों से संवाद करते हैं और अपने कार्य के परिणामों का मूल्यांकन करते हैं, तब वे ऐसे जीवन कौशल सीखते हैं जिन्हें केवल कक्षा में पढ़ाकर विकसित नहीं किया जा सकता।



उन्होंने कहा कि विद्या विहार का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिले। आज के छोटे-छोटे नवाचारी विचार भविष्य में बड़े उद्यमों, नई तकनीकों और महत्वपूर्ण सामाजिक परिवर्तनों का आधार बन सकते हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के ई-सेल द्वारा संचालित एनईसी जूनियर जैसी पहलों को विद्यार्थियों में उद्यमिता और नवाचार की संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।



डॉ. गौरव कुमार ने की सराहना की

मुख्य अतिथि डॉ. गौरव कुमार ने स्टार्ट-अप मेले के विभिन्न स्टॉलों एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके व्यावसायिक विचारों, उत्पादों और तकनीकी परियोजनाओं के संबंध में बातचीत की तथा उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि कम उम्र में अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देना सराहनीय उपलब्धि है।



उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर नई चीजें सीखने, प्रश्न पूछने, प्रयोग करने, अपनी गलतियों से सीखने तथा समाज के लिए उपयोगी कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा, अनुशासन, परिश्रम और नेतृत्व क्षमता विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाती हैं।



विद्यार्थियों ने सीखे महत्वपूर्ण जीवन कौशल

एनईसी जूनियर 2026 के अंतर्गत आयोजित इस मेले की विशेषता यह रही कि विद्यार्थियों ने केवल अपने उत्पादों और परियोजनाओं का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि उनके निर्माण, लागत निर्धारण, विपणन, बिक्री, वित्तीय प्रबंधन और प्रस्तुतीकरण की प्रक्रियाओं में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान विद्यार्थियों ने टीम भावना, संवाद कौशल, वित्तीय साक्षरता, समय प्रबंधन, नेतृत्व, निर्णय क्षमता और समस्या समाधान जैसे महत्वपूर्ण जीवन कौशलों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया।



विद्यार्थियों को मिला नया अनुभव

आईआईटी बॉम्बे के ई-सेल की राष्ट्रीय उद्यमिता प्रतियोगिता, एनईसी जूनियर 2026, विद्यार्थियों में नवाचार, व्यावसायिक सोच और उद्यमशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत आयोजित गतिविधियाँ विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने और उद्यमिता की वास्तविक प्रक्रियाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।



विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल में आयोजित स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी इसी पहल का हिस्सा रहा, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ।



यह आयोजन विद्या विहार की अनुभव आधारित एवं व्यावहारिक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। इसने यह संदेश दिया कि उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अवसर मिलने पर स्कूली विद्यार्थी भी नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर सकते हैं।



एनईसी जूनियर 2026 का यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल एक प्रदर्शनी या मेला नहीं, बल्कि सीखने, प्रयोग करने, आत्मविश्वास विकसित करने और भविष्य के उद्यमी, वैज्ञानिक एवं नवप्रवर्तक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अनुभव सिद्ध हुआ।


विद्या विहार में स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, रोबोटिक्स, स्मार्ट सिंचाई एवं तकनीकी परियोजनाएं रहीं आकर्षण का केंद्र


विद्या विहार में स्टार्ट-अप मेला एवं प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का भव्य आयोजन, रोबोटिक्स, स्मार्ट सिंचाई एवं तकनीकी परियोजनाएं रहीं आकर्षण का केंद्र


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FirstBihar संवाददाता