ब्रेकिंग
आंध्र प्रदेश में दर्दनाक हादसा: मजदूरों के ऊपर गिरा पिघला हुआ स्टील, 8 की मौत, कई घायलट्रेन में सीट को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने गए युवक की पीट-पीटकर हत्याअकूत संपत्ति अर्जित करने वाले 'सब रजिस्ट्रार' बर्खास्त, SVU की रेड में मिले थे 73 लाख कैश, अब सम्राट कैबिनेट ने नौकरी किया बाहर Bihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 25 एजेंडों पर लगी मुहरपश्चिम बंगाल में CBI को मिली जांच की छूट, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसलाआंध्र प्रदेश में दर्दनाक हादसा: मजदूरों के ऊपर गिरा पिघला हुआ स्टील, 8 की मौत, कई घायलट्रेन में सीट को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट, बीच-बचाव करने गए युवक की पीट-पीटकर हत्याअकूत संपत्ति अर्जित करने वाले 'सब रजिस्ट्रार' बर्खास्त, SVU की रेड में मिले थे 73 लाख कैश, अब सम्राट कैबिनेट ने नौकरी किया बाहर Bihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म, 25 एजेंडों पर लगी मुहरपश्चिम बंगाल में CBI को मिली जांच की छूट, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला

पेपर लीक या सिर्फ अफवाह? दारोगा मुख्य परीक्षा पर बवाल, सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी, परीक्षा रद्द करने की उठी मांग

बिहार पुलिस अवर निरीक्षक मुख्य परीक्षा 2026 को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के बीच पटना के गांधी मैदान में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी परीक्षा रद्द कर निष्पक्ष जांच...

पेपर लीक या सिर्फ अफवाह? दारोगा मुख्य परीक्षा पर बवाल, सड़कों पर उतरे अभ्यर्थी, परीक्षा रद्द करने की उठी मांग
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar SI Exam 2026: बिहार में एक बार फिर परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. बिहार पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) मुख्य परीक्षा 2026 में कथित पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. सोमवार को सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थी पटना के गांधी मैदान पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन करते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई. प्रदर्शनकारियों ने बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के खिलाफ नारेबाजी की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.


अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान सामने आए गंभीर मामलों को आयोग द्वारा नजरअंदाज किया गया है. उनका कहना है कि 3 जून 2026 को जारी आधिकारिक नोटिस में पूर्णिया और गया से जुड़े उन घटनाक्रमों का जिक्र तक नहीं किया गया, जिन पर पहले से सवाल उठते रहे हैं. छात्रों का आरोप है कि बिना किसी उच्चस्तरीय जांच के परीक्षा को निष्पक्ष घोषित करना लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है.


प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पूर्णिया के एक परीक्षा केंद्र का मामला उठाते हुए दावा किया कि परीक्षा के दौरान एक वीक्षक द्वारा प्रश्नपत्र की तस्वीर मोबाइल फोन से खींचकर बाहर भेजी गई थी. छात्रों का कहना है कि जब इस तरह की जानकारी सामने आ चुकी है, तो इसकी गहन जांच कराई जानी चाहिए थी. लेकिन आयोग ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और परीक्षा को प्रभावित नहीं मानने का फैसला कर दिया.


वहीं गया जिले में भी परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की चर्चा रही. अभ्यर्थियों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने कथित तौर पर एक सॉल्वर गैंग के खिलाफ कार्रवाई की थी, लेकिन आयोग की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया. इसी बात को लेकर छात्रों के बीच नाराजगी और बढ़ गई है.


प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए और सभी आरोपों की फॉरेंसिक स्तर पर जांच कराई जाए. उनका कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया जाना चाहिए.


छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और मेहनत से जुड़ा मुद्दा है. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और शैक्षणिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है.