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दिन में नौकरी, रात में पढ़ाई… भागलपुर के राहुल ने रच दी इतिहास, UPSC में AIR 141 हासिल कर किया कमाल

Success Story: एक तरफ सरकारी नौकरी की जिम्मेदारी, दूसरी तरफ UPSC का सपना… और नतीजा ऐसा कि पूरे बिहार का नाम रोशन हो गया। आखिर कैसे एक साधारण परिवार का बेटा बन गया AIR 141 टॉपर?

दिन में नौकरी, रात में पढ़ाई… भागलपुर के राहुल ने रच दी इतिहास, UPSC में AIR 141 हासिल कर किया कमाल
Ramakant kumar
4 मिनट

Success Story: बिहार के भागलपुर जिले के छोटे से गांव रन्नूचक, मकंदपुर से निकलकर राहुल कुमार ने वह कर दिखाया है, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं। UPSC Civil Services Examination 2025 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 141 हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन कर दिया है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद राहुल की यह उपलब्धि उनके संघर्ष, धैर्य और कड़ी मेहनत की कहानी बयां करती है।


राहुल कुमार के पिता शंभू कुमार राय एक छोटे व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां सुनीता राय गृहिणी हैं। परिवार में पढ़ाई को लेकर हमेशा सकारात्मक माहौल रहा, जिसने राहुल को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे राहुल ने अपनी शुरुआती शिक्षा St. Francis School Jasidih से पूरी की, जहां उन्होंने 10वीं में 96 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने Delhi Public School Bokaro से 12वीं की परीक्षा 94 प्रतिशत अंकों के साथ पास की।


उच्च शिक्षा के लिए राहुल ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT Delhi का रुख किया। यहां से उन्होंने 2021 में टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में बीटेक की डिग्री प्राप्त की। IIT जैसे संस्थान में पढ़ाई के दौरान ही उनके भीतर सिविल सेवा में जाने का सपना और मजबूत हुआ। हालांकि, इस रास्ते में चुनौतियां भी कम नहीं थीं।


राहुल की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने नौकरी के साथ UPSC की तैयारी जारी रखी। वर्तमान में वह Ministry of Commerce and Industry India में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और 16 फरवरी 2026 को उन्होंने इस पद पर जॉइन किया था। नौकरी की जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर पढ़ाई करना आसान नहीं होता, लेकिन राहुल ने अपने समय का बेहतर प्रबंधन करते हुए इस कठिन चुनौती को भी पार कर लिया।


उनकी UPSC यात्रा 2022 में शुरू हुई थी। शुरुआती प्रयासों में उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। 2023 और 2024 में वे परीक्षा पास नहीं कर सके, हालांकि एक बार वे मेंस और इंटरव्यू तक पहुंच गए थे, लेकिन अंतिम सूची में नाम नहीं आ पाया। यह वह दौर था जब कई लोग हार मान लेते हैं, लेकिन राहुल ने अपनी गलतियों का विश्लेषण किया और उन्हें सुधारने में जुट गए। उन्होंने अपनी रणनीति बदली, पढ़ाई का तरीका सुधारा और खुद को पहले से ज्यादा अनुशासित बनाया।


राहुल ने लगातार प्रयास जारी रखा और आखिरकार 2025 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 141वीं रैंक हासिल कर ली। उनके स्कोर कार्ड पर नजर डालें तो उन्होंने मेन्स परीक्षा में 811 अंक प्राप्त किए, जबकि इंटरव्यू में 180 अंक हासिल किए। कुल मिलाकर उन्होंने 991 अंक प्राप्त किए, जो उनकी मजबूत तैयारी और संतुलित प्रदर्शन को दर्शाता है।


राहुल की कहानी उन युवाओं के लिए खास संदेश देती है, जो नौकरी के साथ UPSC या किसी अन्य बड़ी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सीमित समय, काम का दबाव और बार-बार मिलने वाली असफलताएं अक्सर लोगों को तोड़ देती हैं, लेकिन राहुल ने इन सभी चुनौतियों को अपनी ताकत बना लिया। उन्होंने यह साबित किया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।


आज राहुल कुमार की सफलता भागलपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उनकी मेहनत, धैर्य और संघर्ष की कहानी यह बताती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है।