ब्रेकिंग
जनाब...अब शराबबंदी कानून मत बोलिए, सरकार गुस्सा जाएगी ! सत्ता के गलियारे में 'बोतल' मिली, डिप्टी CM ने सवाल करने वाले से तल्ख अंदाज में पूछा- हत्याबंदी कानून क्यों नहीं कहते ? पद्म पुरस्कार से सम्मानित कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपालजी त्रिवेदी का निधन, बिहार में शोक की लहरहिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह की सुरक्षा में सेंध, गोलियां लेकर पहुंचे शख्स को पुलिस ने दबोचाLPG पर आया बड़ा अपडेट, अब इन उपभोक्ताओं की रसोई गैस सब्सिडी होगी बंद; जानिए.. नया नियमNEET UG परीक्षा रद्द , पेपर लीक मामले की जांच करेगी CBI; NTA ने कही ये बातजनाब...अब शराबबंदी कानून मत बोलिए, सरकार गुस्सा जाएगी ! सत्ता के गलियारे में 'बोतल' मिली, डिप्टी CM ने सवाल करने वाले से तल्ख अंदाज में पूछा- हत्याबंदी कानून क्यों नहीं कहते ? पद्म पुरस्कार से सम्मानित कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपालजी त्रिवेदी का निधन, बिहार में शोक की लहरहिमंत बिस्वा सरमा के शपथ ग्रहण समारोह की सुरक्षा में सेंध, गोलियां लेकर पहुंचे शख्स को पुलिस ने दबोचाLPG पर आया बड़ा अपडेट, अब इन उपभोक्ताओं की रसोई गैस सब्सिडी होगी बंद; जानिए.. नया नियमNEET UG परीक्षा रद्द , पेपर लीक मामले की जांच करेगी CBI; NTA ने कही ये बात

जब बैंक स्टाफ की छोटी सी गलती से दूसरे के खाते में ट्रांसफर हो गए दो हजार करोड़, जानिए.. फिर क्या हुआ?

DESK: साल 2012 में जर्मनी के एक बैंक में एक अजीब घटना घटी। एक क्लर्क ने काम करते-करते थकान के कारण गलती से 222,222,222.22 यूरो (लगभग 2000 करोड़ रुपये) का ट्रांसफर ऑर्डर दे दिया। हा

जब बैंक स्टाफ की छोटी सी गलती से दूसरे के खाते में ट्रांसफर हो गए दो हजार करोड़, जानिए.. फिर क्या हुआ?
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: साल 2012 में जर्मनी के एक बैंक में एक अजीब घटना घटी। एक क्लर्क ने काम करते-करते थकान के कारण गलती से 222,222,222.22 यूरो (लगभग 2000 करोड़ रुपये) का ट्रांसफर ऑर्डर दे दिया। हालांकि, इस गलती को समय रहते पकड़ लिया गया और धनराशि ट्रांसफर नहीं हो पाई।


सुपरवाइजर को मिली सजा

इस घटना के बाद बैंक ने इस ट्रांजैक्शन को मंजूरी देने वाले सुपरवाइजर को नौकरी से निकाल दिया। बैंक का कहना था कि सुपरवाइजर ने डॉक्यूमेंट्स को ठीक से चेक नहीं किया था। लेकिन सुपरवाइजर ने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी। सुपरवाइजर का कहना था कि वह प्रतिदिन सैकड़ों ट्रांजैक्शंस को मंजूरी देते हैं और इतने काम के बोझ में छोटी-मोटी गलती हो सकती है।


कोर्ट ने सुनाया फैसला

कोर्ट ने सुपरवाइजर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि बैंक का फैसला न्यायसंगत नहीं था। कोर्ट ने कहा कि सुपरवाइजर ने जानबूझकर कोई गलती नहीं की थी और न ही उसने घोर लापरवाही बरती थी। कोर्ट ने बैंक को सुपरवाइजर को फिर से नौकरी पर वापस लेने का आदेश दिया है।


अब इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों का मानना है कि बैंक को सुपरवाइजर को नौकरी से निकालने की बजाय उन्हें चेतावनी देनी चाहिए थी। कुछ लोगों का कहना है कि सुपरवाइजर को अपनी गलती की जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी।

टैग्स

संबंधित खबरें