ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

विधानसभा में एलान के बावजूद DSP और थानेदारों को हटाया नहीं गया, स्पीकर की फजीहत करा रही सरकार

PATNA : बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के साथ दुर्व्यवहार के मामले में जिसमें डीएसपी और थानेदार के ऊपर आरोप लगा है उन्हें अब भी अपने मौजूदा पोस्टिंग से नहीं हटाया

विधानसभा में एलान के बावजूद DSP और थानेदारों को हटाया नहीं गया, स्पीकर की फजीहत करा रही सरकार
First Bihar
4 मिनट

PATNA : बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा के साथ दुर्व्यवहार के मामले में जिसमें डीएसपी और थानेदार के ऊपर आरोप लगा है उन्हें अब भी अपने मौजूदा पोस्टिंग से नहीं हटाया गया है. जबकि विधानसभा के अंदर तकरीबन 10 दिन पहले इस बात का ऐलान किया जा चुका था कि सरकार आरोपी डीएसपी और थानेदारों को जांच पूरी होने तक उनके मौजूदा पोस्टिंग से हटा देगी. 


मामला लखीसराय से जुड़ा हुआ है. लखीसराय के डीएसपी और दो थानेदारों के ऊपर स्पीकर विजय कुमार सिन्हा के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा था. इस मामले में बीजेपी के 2 विधायकों ने सदन के अंदर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया और राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी तक को विधानसभा में तलब किया गया था. विधानसभा में बीएसपी और थानेदारों को हटाए जाने का ऐलान खुद स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने किया था. कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस पर सहमति बनी थी लेकिन 10 दिन गुजर जाने के बावजूद डीएसपी साहब और थानेदार अपने जगह पर बने हुए हैं. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या स्पीकर की फजीहत सरकार करा रही है.


बताते चलें कि बिहार विधानसभा में 28 फरवरी को स्पीकर से दुर्व्यवहार के मामले में काफी हंगामा हुआ था. विपक्ष के साथ-साथ बीजेपी के विधायकों ने आरोप लगाया था कि विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर बाहर निकलते वक्त मुख्य सचिव और डीजीपी ने जिस तरह का बर्ताव दिखाया वह उपहास उड़ाने जैसा था. इस मामले में सदन को गंभीर होना चाहिए. विधानसभा में प्रश्नोत्तर काल के दौरान इस मामले पर इतना हंगामा हुआ कि सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा था. 


स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने तत्काल कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाई थी. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो स्पीकर ने यह जानकारी दी कि आरोपी डीएसपी और दोनों थानेदारों को जांच पूरी होने तक उनके मौजूदा पोस्टिंग से हटा दिया जाएगा. विधानसभा में ऐलान होने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि एसपी और थानेदार का तबादला किया जा सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब 10 दिन गुजर जाने के बाद भी इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं होने के बाद विधानसभा की गरिमा और स्पीकर के सम्मान को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं.


दरअसल, डीएसपी और थानेदारों को हटाए जाने का मामला सत्ता पक्ष के अंदर ही इगो का संकट पैदा कर रहा है. जानकार मानते हैं कि डीएसपी और थानेदारों को हटाए जाने के फैसले पर जेडीयू के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने वीटो लगा रखा है. ललन सिंह नहीं चाहते हैं कि पदाधिकारियों को लखीसराय से हटाया जाए. ललन सिंह और विजय कुमार सिन्हा के बीच टकराव किस कदर है इसे बताने की जरूरत नहीं लेकिन जिस तरह स्पीकर और विधानसभा की गरिमा को ताक पर रखकर पुलिस पदाधिकारियों को उनके पद पर बनाए रखा गया है उसके बाद यह लग रहा है कि सरकार विधानसभा अध्यक्ष की गरिमा को लेकर भी ज्यादा गंभीर नहीं है. देखना होगा इस मामले पर विधानसभा में खामोशी कब टूटती है.

टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

First Bihar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें