Bihar Flood : वैशाली जिले के राघोपुर में बुधवार को बाढ़ के पानी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के शिवनगर विश्राम पुल के पास बाढ़ के पानी में नहाते समय दो महिलाएं और एक बच्ची अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते तीनों पानी में बहने लगीं और करीब 200 मीटर दूर तक चली गईं। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास मौजूद ग्रामीणों और स्थानीय नाविकों ने तत्काल मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों और नाविकों ने बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव शुरू कर दिया, जिससे तीनों की जान बच गई।
नहाने के दौरान अचानक फिसला पैर
मिली जानकारी के अनुसार, जुड़ावनपुर करारी वार्ड नंबर 15 शिवनगर की रहने वाली गीता देवी, चनो देवी और बच्ची पिंकी कुमारी गांव की अन्य महिलाओं के साथ विश्राम पुल के पास बाढ़ के पानी में नहा रही थीं। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चली गईं। बताया जा रहा है कि उस स्थान पर पानी का बहाव काफी तेज था। तीनों ने खुद को संभालने की कोशिश की, लेकिन पानी की तेज धारा के कारण वे लगातार बहती चली गईं। कुछ ही क्षणों में तीनों करीब 200 मीटर तक बह गईं।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण
तीनों को पानी में बहता देखकर उनके साथ नहा रही महिलाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। देखते ही देखते वहां बड़ी संख्या में लोग जुट गए।हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नाविकों ने तुरंत नाव पानी में उतारी। ग्रामीणों और नाविकों ने बहाव के बीच आगे बढ़कर तीनों को खोजने और सुरक्षित निकालने का प्रयास शुरू किया। कुछ युवाओं ने भी अपनी जान की परवाह किए बिना बचाव अभियान में मदद की।
स्थानीय मोबाइल दुकानदार बिट्टू कुमार के अनुसार, गीता देवी, चनो देवी और पिंकी कुमारी को डूबते देखकर रेनू राय, सोनू कुमार, संजीव कुमार समेत कई युवा तत्काल मौके पर पहुंचे। नाविकों की मदद से काफी मशक्कत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाल लिया गया।
कुछ मिनट की देरी पड़ सकती थी भारी
ग्रामीणों का कहना है कि अगर बचाव दल को मौके पर पहुंचने में कुछ मिनट की भी देरी होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। तेज बहाव के कारण तीनों लगातार गहरे पानी की तरफ जा रही थीं। समय रहते स्थानीय लोगों और नाविकों की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया। पानी से बाहर निकाले जाने के बाद तीनों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें स्वजनों के साथ घर भेज दिया गया। घटना के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
प्रशासन से चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग
इस घटना ने बाढ़ के दौरान नदी और जलजमाव वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी देखने में सामान्य लग सकता है, लेकिन कई जगहों पर पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे में नहाने या पानी के करीब जाने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाए। साथ ही विश्राम पुल जैसे गहरे और तेज बहाव वाले स्थानों पर स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि लोग खतरे वाले स्थानों पर जाने से बचें।
बुधवार की यह घटना एक बार फिर बताती है कि बाढ़ के पानी में उतरना कितना जोखिम भरा हो सकता है। समय रहते ग्रामीणों और नाविकों की तत्परता ने तीन जिंदगियां बचा लीं, लेकिन ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता जरूरी है।





