1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 20 Jan 2026 02:33:13 PM IST
दवा कंपनी पर लगा ताला - फ़ोटो social media
VAISHALI: वैशाली जिला के हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित कफ सिरप कंपनी पर ताला लटक गया है। तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में बच्चों के जिस कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा है, उस कंपनी के गेट पर ताला लगाया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि कई दिनों के कंपनी के गेट पर ताला लगा हुआ है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार दवा कंपनी पर बहुत जल्द कार्रवाई भी की जा सकती है। बता दें कि ट्राइडेंट रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बनाये जा रहे सिरप का सेंट्रल ड्रग इंस्पेक्टर के द्वारा अक्टूबर माह में सैंपल लिया गया था। जिस सैंपल की रिपोर्ट कुछ दिन पूर्व आयी है।
रिपोर्ट में अल्मोंट-किड, एथिलीन ग्लाइकोल जैसे घातक रसायन की मौजूदगी पाई गई है। इसके बाद केंद्रीय औषधि नियंत्रक द्वारा दवा की बिक्री, वितरण और उसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह दवा औद्योगिक थाना क्षेत्र के औद्योगिक इकाई में बनाई जाती थी। यह दवा बच्चों को एलर्जी के लक्षणों जैसे कि नाक बहना, छींकना, खुजली, सूजन, जलन और आंखों में पानी आने पर दी जाती थी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एथिलीन ग्लाइकोल अत्यंत विषैला रसायन है जिसका सेवन बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इससे पहले तमिलनाडु में निर्मित एक सीरप में इसी रसायन की मिलावट पाए जाने पर मध्य प्रदेश में कुछ माह पहले कई बच्चों की मौत का मामला सामने आ चुका है। यह दवा ट्राइडेंट रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड उद्योग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर द्वारा बनाई गई थी।
दवा के एक विशेष बैच एएल-24002 की गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट में गंभीर खामियां पाई गई हैं। दवा में एथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 1.4876 प्रतिशत पाई गयी। विशेषज्ञों के अनुसार यह तत्व शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक हैं। वहीं, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि कंपनी की यह दवा बिहार के केवल किशनगंज में सप्लाई की गयी थी, वह भी बड़ी कम मात्रा में।
लेकिन चूंकि केंद्रीय औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा लिये गये सैंपल में खामी मिली थी, तो केंद्रीय औषधि नियंत्रण द्वारा सभी राज्यों को इस दवा के संबंध में कार्रवाई का निर्देश दिया गया था, उसी निर्देश के आलोक में यह प्रतिबंध लगा है। हालांकि बताया जाता है कि कंपनी द्वारा सप्लाई किये गये इस बैच की दवाओं को वापस लिया जा रहा है।
वैशाली से मुन्ना खान की रिपोर्ट