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BIHAR: 19858 सिपाहियों के तबादले पर लग सकती है रोक, हाईकोर्ट में याचिका दायर

बिहार पुलिस कांस्टेबल के स्थानांतरण आदेश को याचिकाकर्ता के वकील अवनीश कुमार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार के इस आदेश पर रोक लगने की संभावना जताई जा रही है।

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19858 सिपाहियों का तबादला
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Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

BIHAR: बीते 5 मई को 19858 सिपाहियों का तबादला एक जिले से दूसरे जिले में किया गया था। जिसमें महिला सिपाही और पुरुष सिपाही दोनों का नाम शामिल है। बिहार के कॉन्स्टेबल से जुड़ी बड़ी खबर पटना से आ रही है। ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि अब इनके तबादले पर रोक लग सकती है। क्योंकि सरकार के इस आदेश के खिलाफ पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की गयी है। 


बिहार पुलिस कांस्टेबल के स्थानांतरण आदेश को याचिकाकर्ता के वकील अवनीश कुमार ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार के इस आदेश पर रोक लगने की संभावना जताई जा रही है। अधिवक्ता अवनीश कुमार का कहना है कि बिना स्थानांतरण नीति के 19 हजार 858 सिपाहियों का तबादला किया गया है, जो उचित नहीं है। सरकार के इस आदेश ने 2022 में पूर्व के ट्रांसफर पॉलिसी को खत्म कर दिया। आज तक कोई नया स्थानांतरण नीति नहीं बनाई गई है, इसके बावजूद 2010 से लेकर 2015 के बीच नियुक्त सिपाहियों का तबादला कर दिया गया।


याचिकाकर्ता के वकील अवनीश कुमार ने बताया कि बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया अपनाए बड़ी संख्या में कॉन्स्टेबल का तबादला कर दिया गया। जबकि  हजारों सिपाही जिला में तैनात हैं, उनका तबादला नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 5 मई को बिहार पुलिस के जिन 19 हजार 858 सिपाहियों का अंतर्जिला तबादला किया उन्हें 15 दिन के भीतर हर हाल में विरमित करने का आदेश दिया गया। जिन कॉन्स्टेबल को हाल में उच्चतर प्रभाव मिला था उन्हें भी तबादले की लिस्ट में शामिल किया गया। 


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