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train stone pelting : ट्रेनों पर पत्थरबाजी मामले में बिहार-बंगाल नहीं, यहां से आते हैं टॉप पत्थरबाज; नाम सुनकर आप भी चौंक जाएंगे

ट्रेनों में पत्थरबाजी के 1,698 मामले जुलाई-दिसंबर 2025 में दर्ज, 665 गिरफ्तार। सबसे अधिक मामले उत्तर रेलवे में, रेलवे ने निगरानी बढ़ाकर सख्त कार्रवाई शुरू की है।

train stone pelting : ट्रेनों पर पत्थरबाजी मामले में बिहार-बंगाल नहीं, यहां से आते हैं टॉप पत्थरबाज; नाम सुनकर आप भी चौंक जाएंगे
Tejpratap
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train stone pelting : ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं में मुंबई, कोलकाता या चेन्नई की बजाय दिल्ली और उसके आसपास के शहरों के लोग सबसे आगे हैं। भारतीय रेलवे इस गंभीर समस्या पर लगातार नजर रख रहा है और ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। रेलवे ने न सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि कई मामलों में उन्हें जेल भी भेजा गया है। यह केवल रेल संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि यात्रियों और रेल कर्मियों की जान के लिए भी खतरा बनता है।


रेलवे के अनुसार जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच पूरे देश में 1,698 पत्थरबाजी के मामले दर्ज किए गए। इन घटनाओं में कुल 665 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सबसे अधिक मामले उत्तर रेलवे (दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा आदि) में सामने आए। यही कारण है कि यह क्षेत्र पत्थरबाजी के मामले में सबसे आगे है। छह माह के दौरान उत्तर रेलवे में कुल 363 मामले दर्ज हुए।


दूसरे नंबर पर पूर्व मध्य रेलवे है, जहां 219 पत्थरबाजी की घटनाएं हुईं। इसके बाद दक्षिण मध्य रेलवे में 140, उत्तर मध्य रेलवे में 126, पश्चिमी रेलवे में 116 और दक्षिणी रेलवे में 108 मामले दर्ज किए गए। वहीं मध्य रेलवे में 96, पूर्वी रेलवे में 71 और उत्तर पूर्व सीमा रेलवे में 67 मामले सामने आए। सबसे कम मामले कोकण रेलवे में दर्ज हुए, जहां केवल 3 मामले ही मिले।


रेलवे ने कहा है कि पत्थरबाजी के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और गश्त को मजबूत किया गया है। इससे अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिल रही है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकना एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करना, गिरफ्तारी और कठोर सजा की प्रक्रिया शामिल है।


रेलवे एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत दोषियों को कड़ी सजा मिलती है। रेलवे ने कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। जनता को भी इस अपराध के खिलाफ जागरूक होना चाहिए और यदि किसी को संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस या रेलवे अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए।


रेलवे ने यह भी कहा कि पत्थरबाजी से न केवल ट्रेनों को नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी दांव पर लग जाती है। इस तरह की घटनाओं से रेल यात्रा की सहजता और आराम भी प्रभावित होती है। इसलिए रेलवे की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाते रहेंगे।ट्रेन यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे का संदेश साफ है: पत्थरबाजी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।

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Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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