Bihar Politics : बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर महागठबंधन आज राजधानी पटना में बड़ा प्रदर्शन करने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन का ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकलेगा। इस मार्च में महागठबंधन के घटक दलों के विधायक, विधान पार्षद, सांसद, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
महागठबंधन का मार्च सुबह 11 बजे सचिवालय के पास सप्तमूर्ति से शुरू होगा। यहां से नेता और कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में चुनाव आयोग कार्यालय होते हुए लोकभवन पहुंचेंगे। लोकभवन में राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के जरिए SIR, मतदाता सूची में नामों से जुड़े विवाद और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष अपनी मांगें और आपत्तियां सामने रखेगा।
तेजस्वी के नेतृत्व में सड़क पर उतरेगा महागठबंधन
महागठबंधन ने इस पूरे कार्यक्रम को ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ नाम दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि SIR को लेकर लंबे समय से विपक्ष सवाल उठाता रहा है। अब सभी सहयोगी दल एकजुट होकर इन मुद्दों को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं। तेजस्वी यादव लगातार आरोप लगाते रहे हैं कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए। विपक्ष का दावा है कि कई वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटने की स्थिति बनी और इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।महागठबंधन का कहना है कि चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची में नामों को लेकर हुई गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदारी किसकी है और वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए।
SIR से लेकर ‘वोट चोरी’ तक, कई मुद्दे होंगे शामिल
महागठबंधन के आज के प्रदर्शन में SIR के साथ-साथ ‘वोट चोरी’ का मुद्दा भी प्रमुख रहने वाला है। तेजस्वी यादव पहले भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस मुद्दे को लगातार उठाते रहे हैं। तेजस्वी का कहना है कि SIR की शुरुआत बिहार से हुई और इसी प्रक्रिया को लेकर विपक्ष ने सबसे पहले सवाल उठाए थे। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर भाजपा के दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया है।
इसी क्रम में तेजस्वी यादव मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर चुके हैं। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं। चुनाव आयोग और भाजपा इन आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कहते रहे हैं।
महिलाओं के खाते में 10 हजार रुपये का मुद्दा भी उठेगा
महागठबंधन के प्रदर्शन में बिहार की महिलाओं के खातों में चुनाव से पहले 10-10 हजार रुपये भेजे जाने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। तेजस्वी यादव इसको लेकर चुनाव आयोग से सवाल कर चुके हैं।तेजस्वी ने सवाल उठाया था कि चुनाव के दौरान यदि महिलाओं के खातों में इस तरह राशि भेजी जा रही थी तो चुनाव आयोग ने इस पर क्या कार्रवाई की। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी संसाधनों और योजनाओं का इस्तेमाल चुनावी माहौल में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया गया। महागठबंधन का कहना है कि इस मामले में चुनाव आयोग को अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। आज लोकभवन मार्च के दौरान यह मुद्दा भी राज्यपाल के सामने रखे जाने की संभावना है।
पटना के साथ जिलों में भी होगा प्रदर्शन
महागठबंधन का आंदोलन सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा। आज राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर भी महागठबंधन के नेता और कार्यकर्ता धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस तरह गुरुवार को आंदोलन दो स्तरों पर होगा।एक तरफ पटना में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लोकभवन मार्च निकलेगा, वहीं दूसरी ओर सभी जिलों में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता धरना देकर SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। महागठबंधन नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस प्रदर्शन को विपक्ष की ओर से बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
एक दिन पहले 534 प्रखंडों में निकला था आक्रोश मार्च
इससे पहले 7 अक्टूबर को महागठबंधन ने राज्य के सभी 534 प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च निकाला था। इस दौरान SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर प्रदर्शन किया गया। पटना में राजद कार्यालय के बाहर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे थे। प्रदर्शन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले लेकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे भी लगाए।
अब एक दिन बाद राजधानी पटना में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होने वाला लोकभवन मार्च महागठबंधन के आंदोलन को और बड़ा रूप देने वाला है। चुनावी माहौल के बीच SIR और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के इस प्रदर्शन से बिहार की सियासत और गरमाने के आसार हैं।





