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तेजस्वी ने सदन में की 'मार्च लूट' की चर्चा, बोले- नीतीश के अफसरों के बीच कानाफूसी चल रही है

PATNA : बिहार विधानमंडल का बजट सत्र जारी है. बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सरकार के ऊपर हमलवार हैं. गुरूवार को सदन में तेजस्वी ने पिछले साल वित्तीय वर्ष 2020-21 के

तेजस्वी ने सदन में की 'मार्च लूट' की चर्चा, बोले- नीतीश के अफसरों के बीच कानाफूसी चल रही है
First Bihar
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PATNA : बिहार विधानमंडल का बजट सत्र जारी है. बजट सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सरकार के ऊपर हमलवार हैं. गुरूवार को सदन में तेजस्वी ने पिछले साल वित्तीय वर्ष 2020-21 के टोटल खर्च का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार महज 70 हजार करोड़ ही खर्च कर पाई है. बचे पैसे को महज एक महीने में खर्च करने की तैयारी है, जिसकी चर्चा 'मार्च लूट' के रूप में सीएम नीतीश के अधिकारियों के बीच चल रही है.


वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट पर सदन में बोलते हुए बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि पिछले साल वित्तीय वर्ष 2020-21 का टोटल खर्च का आकलन कुल 2 लाख 11 हजार करोड़ रुपये था. लेकिन बिहार सरकार ने पिछले बजट के 2 लाख 11 हजार करोड़ रुपये में से केवल 70 हजार करोड़ रुपये ही खर्च किये गए और ये आंकड़ा इसी महीने 23 फ़रवरी तक का है."


सदन में तेजस्वी ने कहा कि "पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 का 33% खर्च ही नहीं हो पाया. यानी कि ये समझने की जरूरत है कि जो रुपये आवंटित किये गए थे, वो एक साल में खर्च नहीं हो पाए. उसमें से बचे एक लाख 43 हजार करोड़ रूपये को सिर्फ और सिर्फ एक महीने में खत्म करने की तैयारी है. बिहार के बड़े अधिकारियों के बीच 'मार्च लूट' की चर्चा है."


तेजस्वी ने उदाहरण देते हुए कहा कि कृषि विभाग में 189 करोड़ खर्च हुए हैं. स्किम के 665 करोड़ रुपये  जो खर्च हुए. इस विभाग में नेट पेमेंट 281 करोड़ रुपये हुए हैं. यानी कि 562 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हुए. यही हाल लगभग सारे डिपार्टमेंट का है. आखिरकार पैसे क्यों खर्च नहीं हुए, इसका जवाब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही देंगे. मुख्यमंत्री ही बताएंगे कि आखिरकार ये 'मार्च लूट' क्या है. 

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