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सिक्योरिटी घटाने पर तेज प्रताप ने सम्राट चौधरी से कर दी बड़ी मांग, कहा.."सबसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत बिहार की बहू-बेटियों को"

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तबीयत खराब होने की सूचना पर तेज प्रताप यादव उनसे मिलने पहुंचे। लालू परिवार की सुरक्षा कटौती को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है।

बिहार न्यूज
राबड़ी देवी और तेजस्वी ने लौटाई अपनी सुरक्षा
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PATNA: जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव को जब पता चला कि उनकी मां राबड़ी देवी की तबीयत ठीक नहीं है, तो उनसे मिलने के लिए वो 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर पहुंच गये। जहां आवास के बाहर पहले से राजद नेता कार्यकर्ताओं के साथ धरना पर बैठे हुए थे। लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती को लेकर लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। 


लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि उनकी माता राबड़ी देवी ने किसी भी सुरक्षाकर्मी को वापस नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कर्मियों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और उन्हें बार-बार बताया जा रहा था कि उनका कमांड काट दिया गया है।


तेज प्रताप यादव शनिवार को अपनी मां और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का हालचाल जानने उनके आवास पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, "देखिए, सुरक्षा किसी ने वापस नहीं की है। जो सुरक्षाकर्मी थे, उन पर बार-बार दबाव आ रहा था। वे लगातार कह रहे थे कि उनका कमांड काट दिया गया है। हमारी माता जी ने सुरक्षा वापस नहीं की है।" उन्होंने बताया कि वह अपनी मां से मिलने पहुंचे थे क्योंकि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। राबड़ी देवी के स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने चिंता जताई और कहा कि परिवार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।


सुरक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा सुरक्षा की जरूरत बिहार की महिलाओं और बेटियों को है। उन्होंने कहा, "बिहार में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। हम मांग करते हैं कि सबसे पहले बहू-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। यही सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।" तेज प्रताप ने राज्य सरकार से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि आम लोगों, खासकर महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।


बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने के बाद उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव उनसे मिलने राबड़ी आवास पहुंचे। इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनने के साथ-साथ परिवार की एकजुटता का संदेश भी दिया। तेज प्रताप यादव ने अपनी मां का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। कुछ समय तक वह राबड़ी देवी के साथ रहे और चिकित्सकीय स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की।


दरअसल, हाल के दिनों में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा के बाद दोनों नेताओं की जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गई, जिसके बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि यह निर्णय राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। सुरक्षा श्रेणी में बदलाव के बाद लालू परिवार ने आवास पर तैनात नए सुरक्षाकर्मियों को वापस भेज दिया। इसके बाद राबड़ी आवास की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर लगातार बयानबाजी जारी है।


इसी बीच तेज प्रताप यादव का राबड़ी आवास पहुंचना लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात केवल पारिवारिक जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में परिवार की एकजुटता का प्रतीकात्मक संदेश भी देती है। फिलहाल लालू परिवार की सुरक्षा व्यवस्था, सरकारी आवास और उससे जुड़े प्रशासनिक फैसले बिहार की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। ऐसे समय में राबड़ी देवी की तबीयत खराब होने और उनसे मिलने पहुंचे तेज प्रताप यादव की तस्वीरों ने पूरे घटनाक्रम को नया राजनीतिक और मानवीय आयाम दे दिया है।