Bihar News : बिहार के सुपौल जिले से मंगलवार देर शाम दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। पिपरा थाना क्षेत्र के कटैया गोठ चौक स्थित बजरंगबली मंदिर के पास झूलन पर्व के दौरान भजन-कीर्तन कर रहे श्रद्धालुओं को तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने रौंद दिया। हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य घायल का इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, झूलन पर्व को लेकर कटैया गोठ चौक स्थित बजरंगबली मंदिर के पास बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु जुटे थे। मंदिर परिसर के समीप भजन-कीर्तन चल रहा था। इसी दौरान पिपरा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित हो गई और श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसी। कार ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। शुरुआत में हादसे में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी, लेकिन इलाज के दौरान और बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। एक अन्य घायल की हालत भी गंभीर बताई जा रही है।
मृतकों की पहचान कटैया पंचायत के वार्ड 15 निवासी सुरेंद्र यादव (45), वार्ड 12 निवासी तिलाई उर्फ तिलो दास (65) और राजू दास (50) के रूप में हुई थी। हादसे में भुवनेश्वरी यादव, रामचंद्र यादव और कृष्ण मोहन साह भी घायल हुए थे। बाद में दो और घायलों की मौत की सूचना सामने आई। हालांकि मृतकों की विस्तृत पहचान और हादसे में घायल सभी लोगों की स्थिति को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद कार चालक मौके पर रुकने के बजाय वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा। कुछ दूरी आगे जाकर अनियंत्रित कार एक गैरेज में जा घुसी। संयोग से उस समय गैरेज संचालक और कर्मचारी वहां मौजूद नहीं थे, जिससे एक और बड़ा हादसा होने से बच गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है।
घटना की सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सदर इंस्पेक्टर संजय यादव, सदर एसडीएम मनोहर कुमार साहू और साइबर डीएसपी सौरभ गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
पांच लोगों की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। आक्रोशित लोगों ने सुपौल-पिपरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। ग्रामीण दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
पुलिस घटनास्थल पर कैंप कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में लेकर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन किसके नाम पर है, हादसे के समय कार कौन चला रहा था और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल चालक की पहचान और गिरफ्तारी पुलिस के लिए अहम चुनौती बनी हुई है।
इस दर्दनाक हादसे ने मंदिर और अन्य भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों के आसपास यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर एनएच-327ई और आसपास के प्रमुख मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है।





