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सृजन घोटाले में तीन दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई सजा और लगाया भारी जुर्माना

मामले में CBI ने 38 अभियोजन गवाह पेश किए जिसके बाद कोर्ट ने अमरेन्द्र यादव को 4 साल की सजा और 14 लाख जुर्माना, अजय पांडेय को 4 साल सश्रम कारावास और 6 लाख 25 हजार का अर्थदंड, वहीं बैंक के सहायक मैनेजर राकेश कुमार को 3 साल की सजा सुनाई।

बिहार
CBI कोर्ट का फैसला
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: CBI की विशेष अदालत ने बहुचर्चित सृजन घोटाले के पहले मामले में सजा सुनायी। भागलपुर डीएम कार्यालय के तत्कालीन नाजिर और इंडियन बैंक के तत्कालीन सहायक प्रबंधक समेत एवं अजय पांडेय को सश्रम कारावास और जुर्माना की सजा कोर्ट ने सुनायी है। पटना स्थित CBI की स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सुनील कुमार-2 ने सृजन घोटाला से जुड़े आरसी 11ए/2017 (स्पेशल केस नंम्बर 3/2018) में फैसला सुनाया।


बता दें कि सृजन घोटाला का यह मामला 12 करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक का है। सृजन घोटाला मामले में सीबीआई ने 38 अभियोजन गवाह पेश किये थे। गवाहोंके बयान और साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने इन तीनों को कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया था। अदालत ने अमरेन्द्र कुमार यादव को 4 साल की सजा और 14 लाख जुर्माना, अजय पांडेय को 4 साल का सश्रम कारावास और 6 लाख 25 हजार जुर्माना जबकि इंडियन बैंक के तत्कालीन सहायक मैनेजर राकेश कुमार को 3 वर्ष की सजा सुनाई है। इनके ऊपर भी ढाई लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।।


मामला 2017 का है, जब भागलपुर और बांका ट्रेजरी से 12 करोड़ रुपये की रकम को सृजन महिला विकास समिति लिमिटेड के खाते में अवैध रूप से हस्तांतरित किया गया था। यह मामला तब उजागर हुआ था। 2003-04 से 2017 के बीच NGO के खाते में इस रकम को भेजी गई थी। मामला सामने आने के बाद इसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी लेकिन इसकी गंभीरता को देखते हुए मामले को सीबीआई को सौंपा गया। जिसके बाद इस केस की जांच में सीबीआई जुट गयी। आज इसी मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। इन सभी को सीबीआई की स्पेश कोर्ट ने सजा के साथ-साथ आर्थिक दंड भी लगाया है। 

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