CHAPRA: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया था। इस दौरान भारत ने कम से कम 6 पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट मार गिराए थे। भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा रहे जांबाज इम्तियाज को मरणोपरांत बड़ा सम्मान देने जा रही है।
सारण के नारायणपुर गांव के मोहम्मद इम्तियाज को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा। शहीद इम्तियाज BSF के सब-इंस्पेक्टर थे। भारत सरकार ने मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित करने की घोषणा की है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसकी आधिकारिक घोषणा की है। बिहार के लाल शहीद इम्तियाज को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किये जाने की खबर से परिजन खुश हैं और अपने बेटे पर गर्व कर रहे हैं। यह सम्मान शहीद इम्तियाज की पत्नी शाहनाज अजीमा को उनके घर पर जाकर सेना के बड़े अधिकारियों द्वारा प्रदान किया जाएगा।
सारण के डीएम अमन समीर ने बताया कि शहीद की पत्नी शाहनाज अजीमा को 28 अगस्त को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। यह कार्यक्रम उनके पैतृक गांव नारायणपुर में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। बता दें कि बिहार के लाल इम्तियाज बीएसएफ के 7वीं बटालियन में तैनात थे. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान असाधारण वीरता का परिचय दिया था। उन्होंने इस ऑपरेशन में अपने प्राणों की आहुति दी थी।
शहीद इम्तियाज़ भारत-पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शत्रुओं का डटकर मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे। उनकी वीरता और बलिदान पर न केवल परिवार, बल्कि पूरा सारण जिला गर्व महसूस कर रहा है। शहीद इम्तियाज़ का पराक्रम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। शहीद इम्तियाज के बेटे इमदाद राजा ने बताया कि उनके पिता को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया जाएगा। 'वीर चक्र' का मुख्य पदक राष्ट्रपति के हाथों 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली में दिया जाएगा।





