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बिहार : यूरिया की किल्लत से जूझ रहे सूबे के किसान, छपरा में खाद के चक्कर में चली गई बुजुर्ग किसान की जान

CHAPRA : बिहार के किसान इन दिनों खाद की किल्लत से खासे परेशान हैं। एक तरफ जहां खाद की कालाबाजारी जोरों पर है वहीं दूसरी ओर जिन इलाकों में खाद की उपलब्धता है वहां किसानों को 8 से 10

बिहार : यूरिया की किल्लत से जूझ रहे सूबे के किसान, छपरा में खाद के चक्कर में चली गई बुजुर्ग किसान की जान
Mukesh Srivastava
2 मिनट

CHAPRA : बिहार के किसान इन दिनों खाद की किल्लत से खासे परेशान हैं। एक तरफ जहां खाद की कालाबाजारी जोरों पर है वहीं दूसरी ओर जिन इलाकों में खाद की उपलब्धता है वहां किसानों को 8 से 10 घंटे लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है, तब जाकर उन्हें खाद मिल पा रही है। इस दौरान खाद को लेकर हंगामा और मारपीट की खबरें भी सामने आ रही हैं।ताजा मामला छपरा का है, जहां खाद के चक्कर में एक किसान की जान चली गई।


घटना छपरा के तरैया बाजार की है, जहां खाद के लिए लाइन में खड़े एक किसान की मौत हो गई। मृतक किसान लालबाबू सिंह पिछले 15 दिनों से खाद के लिए परेशान थे। तीन दिनों से खाद के लिए वे लाइन में लग रहे थे लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पा रही थी।


लिहाजा शनिवार की सुबह 4 बजे से ही तरैया बाजार के एक खाद की दुकान पर लाइन में खड़े थे। इसी दौरान दोपहर दो बजे वे बेहोश होकर गिर गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल भेजा गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।


मृतक किसान के बेटे ने बताया कि उसके पिता फलस में खाद डालने के लिए पिछले कई दिनों से परेशान थे। दिनभर खाद के लिए दुकानों को चक्कर लगाते थे और थक हारकर वापस घर लौट आते थे। इसी बीच जानकारी मिली की तरैया बाजार में खाद मिल रही है। जहां खाद के चक्कर में उनकी जान चली गई। इधर, किसान की मौत के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल है।

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