Bihar News : पटना में शुक्रवार की शाम एक ऐसा मंच सजा, जहां इतिहास, राष्ट्रसेवा और नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश नजर आई। बापू सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक और प्रथम सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर आधारित महानाट्य का मंचन हुआ। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के जीवन, संघर्ष, त्याग और राष्ट्र निर्माण के विचारों को आज की युवा पीढ़ी, खासकर Gen-Z तक पहुंचाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बिहार में दो करोड़ से ज्यादा युवा हैं। ऐसे में नई पीढ़ी को देश के लिए समर्पण, अनुशासन, समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे मूल्यों से परिचित कराना जरूरी है। उन्होंने ऐलान किया कि पटना में हुए इस आयोजन को अब बिहार के दूसरे जिलों तक भी ले जाया जाएगा। यानी डॉ. हेडगेवार के जीवन पर तैयार महानाट्य का मंचन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहेगा।
सीएम सम्राट चौधरी शुक्रवार को बापू सभागार में नादब्रह्म संस्था, नागपुर की ओर से तैयार महानाट्य ‘संघ सृजन का आविष्कार : युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ के मंचन का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन कर रहे थे। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
सम्राट चौधरी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार का जीवन केवल एक संगठन की स्थापना तक सीमित नहीं था। वे स्वतंत्रता सेनानी, विचारक और संगठनकर्ता के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने RSS की स्थापना कर संगठन और राष्ट्रसेवा की एक परंपरा विकसित की, जो आगे चलकर देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंची।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ की शाखाओं के माध्यम से जुड़े लोग राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रसार के लिए काम करते रहे हैं। अब इस विरासत को समझने और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी की है।उन्होंने खास तौर पर Gen-Z का जिक्र करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को डॉ. हेडगेवार के जीवन और उनके विचारों से परिचित कराना समय की जरूरत है। सरकार का उद्देश्य है कि ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं तक उनके जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की कहानी पहुंचाई जाए।
पटना के बाद जिलों में पहुंचेगा महानाट्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित इस महानाट्य का मंचन पटना तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार के दूसरे जिलों में भी इसका आयोजन कराया जाएगा। इससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इस नाटक को देखने और डॉ. हेडगेवार के जीवन को करीब से समझने का मौका मिलेगा।महानाट्य में राष्ट्रभक्ति, त्याग, अनुशासन और समाज सेवा जैसे विषयों को नाटकीय प्रस्तुति के जरिए सामने रखा गया। मंचन के माध्यम से डॉ. हेडगेवार के संघर्ष और संगठन निर्माण की यात्रा को दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया।
सम्राट चौधरी ने कहा कि भारत को समृद्ध, विकसित और उन्नत राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। ऐसे में देश के लिए समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को युवाओं तक पहुंचाना भी जरूरी है। कार्यक्रम में बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार और RSS बिहार-झारखंड के क्षेत्रीय कार्यवाह डॉ. मोहन सिंह ने भी संबोधित किया। दोनों वक्ताओं ने डॉ. हेडगेवार के विचारों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की जरूरत बताई।
महानाट्य के निर्माता पद्माकर धानोरकर ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। बापू सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। अब सरकार की योजना इस प्रस्तुति को बिहार के दूसरे हिस्सों तक ले जाने की है, ताकि राजधानी से निकलकर डॉ. हेडगेवार के जीवन पर आधारित यह कहानी राज्य के ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंच सके।





