पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों और उससे जुड़े कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय में सुबह 11 बजे इसको लेकर अहम बैठक बुलाई गई है। बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री और कैबिनेट के कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे। बैठक में अभियान को लेकर सरकार की तैयारियों, कार्यक्रमों की रूपरेखा और अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बिहार में एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ सेवा और जनसरोकार से जुड़े कार्यों को व्यापक स्तर पर संचालित करना है। सरकार इस अभियान के जरिए अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दे सकती है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में होने वाली बैठक को इसी अभियान की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में अभियान के दौरान होने वाले कार्यक्रमों को लेकर विभागवार चर्चा की जाएगी। मंत्रियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी के साथ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जरूरी तैयारियों पर भी चर्चा करनी है।
बैठक में मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्रियों और कैबिनेट के अन्य मंत्रियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। सरकार के स्तर पर अभियान को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद तेज हो गई है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बैठक के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों को अभियान को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश भी दे सकते हैं।
‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जोड़कर एक महीने तक चलाने की योजना है। ऐसे में सरकार की कोशिश होगी कि इस दौरान ज्यादा से ज्यादा जनकल्याणकारी गतिविधियां आयोजित की जाएं। अभियान के तहत समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने, सरकारी योजनाओं की जानकारी देने और लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया जा सकता है।
बिहार सरकार पहले से ही कई योजनाओं और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर सक्रिय है। ऐसे में इस अभियान को इन योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के एक बड़े अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में अभियान की अवधि के दौरान किस विभाग की क्या भूमिका होगी और किन क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, इस पर भी चर्चा हो सकती है।
बैठक के दौरान मंत्रियों से उनके विभागों की तैयारियों का फीडबैक भी लिया जा सकता है। इसके अलावा अभियान के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में जनभागीदारी बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने को लेकर भी मुख्यमंत्री दिशा-निर्देश दे सकते हैं।
राजनीतिक तौर पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित होने वाला यह अभियान बिहार में सरकार और संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के जरिए केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी। अब मुख्यमंत्री सचिवालय में होने वाली बैठक के बाद अभियान की विस्तृत रूपरेखा और कार्यक्रमों को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक पर सरकार के साथ-साथ राजनीतिक हलकों की भी नजर है। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत किन-किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है और आम लोगों तक सरकार की योजनाओं और सेवाओं को पहुंचाने के लिए क्या नई रणनीति तैयार की जाती है।




