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Samastipur Snake Catcher: नहीं रहे 'सांपों के मसीहा' जय सहनी, जिनकी जिंदगी बचाने को रहते थे हमेशा तत्पर, उन्हीं में से एक ने ले ली जान

Samastipur Snake Catcher: बिहार के 'सांपों के मसीहा' जय कुमार सहनी की जहरीले सांप के डसने से मौत, समस्तीपुर में शोक की लहर, अब तक 2000 से ज्यादा सांपों की बचा चुके थे जान।

Samastipur Snake Catcher:
जय सहनी
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Samastipur Snake Catcher: बिहार के समस्तीपुर जिले की एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। ताजपुर थाना क्षेत्र के बसही भिंडी वार्ड-3 निवासी 35 वर्षीय जय कुमार सहनी, जिन्हें 'सांपों का मसीहा' कहा जाता था, 30 अप्रैल 2025 को एक जहरीले सांप के डसने से जिंदगी की जंग हार गए। पिछले पांच सालों से जय सांपों को रेस्क्यू कर उनकी जान बचाने और लोगों को खतरे से दूर रखने का काम कर रहे थे। उनकी बहादुरी और जुनून ने उन्हें पूरे जिले में मशहूर कर दिया था, लेकिन गुरुवार को एक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सांप के काटने से उनकी मौत हो गई।


जय कुमार सहनी सोशल मीडिया पर भी अपने काम के लिए खूब चर्चा में रहते थे। उनके सांप पकड़ने के वीडियो को लोग खूब पसंद करते थे। अब तक जय ने 2000 से ज्यादा सांपों को रेस्क्यू किया था, जिन्हें वे सुरक्षित जंगलों में छोड़ देते थे। गुरुवार को मोरवा प्रखंड के गुनाई वसही गांव से एक जहरीले सांप की सूचना मिलने पर जय तुरंत मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के दौरान सांप ने उनके दाहिने हाथ के अंगूठे पर डस लिया। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें समस्तीपुर सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर संतोष कुमार झा ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही जहर पूरे शरीर में फैल चुका था, जिससे उनकी मौत हो गई।


जय की मौत ने उनके परिवार और समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। जय की शादी 13 साल पहले हुई थी और उनके दो छोटे बेटे हैं। उनके पिता शिवलगन सहनी ने बताया कि जय को बचपन से ही जानवरों से गहरा लगाव था। बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के उन्होंने सांप पकड़ने की कला सीखी थी। जय घंटों सांपों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर छोड़ने में बिताते थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर सही इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। लेकिन इलाज में हुई देरी ने इस हीरो की जिंदगी छीन ली। जय की मौत की खबर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है, जहां लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।


इस बारे में बात करते हुए डॉक्टर संतोष कुमार झा ने बताया कि जय को जिस सांप ने काटा, वह बेहद जहरीला था। उन्होंने कहा, “विषैला सांप का जहर जय के पूरे शरीर में फैल चुका था। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।” जय का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। उनकी मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे समस्तीपुर के लिए एक बड़ी क्षति छोड़ी है। जय के छोटे भाई, जो सेना में कार्यरत हैं, और उनके परिवार के लिए यह दुख असहनीय है। 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

DEEPAK

FirstBihar संवाददाता