ब्रेकिंग
हैवानियत की सारी हदें पार: महज 1.5 डिसमिल जमीन के लिए भतीजे ने चाचा को लाठियों से पीटा, फिर हसुए से काट डाले दोनों पैरमोतिहारी: नदी में डूबने से 13 वर्षीय किशोर की मौत, गांव में पसरा मातमSTF और सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 25 हजार का इनामी कुख्यात संजय सदा हथियार के साथ गिरफ्तार11 साल की जुड़वां बेटियों की हत्या के बाद पिता ने खुद पुलिस को बुलाया, पत्नी बोलीं..इसे अभी फांसी दे दो साहबधुरंधर 2 ने पुष्पा 2 को पछाड़ा, बनी तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्महैवानियत की सारी हदें पार: महज 1.5 डिसमिल जमीन के लिए भतीजे ने चाचा को लाठियों से पीटा, फिर हसुए से काट डाले दोनों पैरमोतिहारी: नदी में डूबने से 13 वर्षीय किशोर की मौत, गांव में पसरा मातमSTF और सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 25 हजार का इनामी कुख्यात संजय सदा हथियार के साथ गिरफ्तार11 साल की जुड़वां बेटियों की हत्या के बाद पिता ने खुद पुलिस को बुलाया, पत्नी बोलीं..इसे अभी फांसी दे दो साहबधुरंधर 2 ने पुष्पा 2 को पछाड़ा, बनी तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म

Bihar News : बिहार में दिल दहला देने वाली घटना: वैशाली एक्सप्रेस से गिरकर 40 मिनट तड़पता रहा युवक, स्टेशन पर वीडियो बनाते रहे लोग; इलाज में देरी से हुई मौत

सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर वैशाली एक्सप्रेस से गिरकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घायल अवस्था में वह 40 मिनट तक तड़पता रहा लेकिन समय पर मदद नहीं मिल सकी।

Bihar News : बिहार में दिल दहला देने वाली घटना: वैशाली एक्सप्रेस से गिरकर 40 मिनट तड़पता रहा युवक, स्टेशन पर वीडियो बनाते रहे लोग; इलाज में देरी से हुई मौत
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar News : बिहार के सहरसा जिले में गुरुवार को पूर्व मध्य रेलवे के सहरसा-मानसी रेलखंड पर स्थित सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। सहरसा से दिल्ली जा रही वैशाली एक्सप्रेस से गिरकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में युवक के दोनों पैर और एक हाथ कट गए। गंभीर रूप से घायल अवस्था में वह प्लेटफॉर्म संख्या एक के पास पटरी पर करीब 40 मिनट तक तड़पता रहा, लेकिन इस दौरान मौके पर मौजूद भीड़ मदद के लिए आगे नहीं आई।


ट्रेन से गिरा युवक, स्टेशन पर मचा हड़कंप

जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वैशाली एक्सप्रेस सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर पहुंच रही थी या वहां से गुजर रही थी। इसी दौरान एक युवक अचानक ट्रेन से नीचे गिर गया और वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भयावह था कि युवक के शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और उसके दोनों पैर व एक हाथ कट गए।


घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों व स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायल युवक करीब 40 मिनट तक पटरी के पास दर्द से कराहता रहा, लेकिन किसी ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने की पहल नहीं की।


घायल की पहचान मुजफ्फरपुर निवासी अजीत कुमार के रूप में

घायल युवक की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र के बीरपुर पंचायत वार्ड संख्या 12 निवासी अजीत कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अजीत सहरसा में एक बर्तन की दुकान पर काम करता था और गुरुवार को वह वैशाली एक्सप्रेस से अपने घर मुजफ्फरपुर लौट रहा था। यात्रा के दौरान सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन के पास यह दर्दनाक हादसा हो गया, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई।


मानवता हुई शर्मसार, लोग बनाते रहे वीडियो

घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि घायल युवक काफी देर तक दर्द से तड़पता रहा, लेकिन मौजूद भीड़ में से कोई भी उसे उठाने या प्राथमिक उपचार के लिए आगे नहीं आया। कई लोग केवल अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। यह स्थिति मानवता पर सवाल खड़े करती है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद लोग मदद करने के बजाय वीडियो रिकॉर्डिंग में लगे रहे। हालांकि बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने पहल करते हुए मामले की सूचना सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल को दी। सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।


अस्पताल पहुंचने से पहले रेफर, रास्ते में तोड़ा दम

सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया। लेकिन स्थिति इतनी नाजुक थी कि सहरसा ले जाते समय रास्ते में ही अजीत कुमार ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना जैसे ही मृतक के परिजनों को मिली, परिवार में कोहराम मच गया। परिजन तुरंत सहरसा के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि युवक मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।


रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा, प्लेटफॉर्म पर निगरानी और आपात स्थिति में त्वरित सहायता व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर मदद मिल जाती तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोग रेलवे प्रशासन से इस मामले की जांच और स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा सवाल छोड़ गया है कि आखिर आपात स्थिति में हमारी संवेदनशीलता कहां खो जाती है।

इस खबर के बारे में
Tejpratap

रिपोर्टर / लेखक

Tejpratap

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें