Saharsa news : सहरसा जिले के बनगाँव थाना क्षेत्र के सुंदरवन से एक बेहद चिंताजनक और अमानवीय घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस वीडियो में दिख रहा है कि एक महादलित युवक को खूंटे से बांधकर बेरहमी से पीटा जा रहा है। वायरल क्लिप में मुरली बसंतपुर के पैक्स अध्यक्ष अनिल महतो समेत अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं, जो युवक को बांधने और मारने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सुंदरवन वार्ड नंबर 9 निवासी मोहन सादा, पिता अयोधी सादा बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार मोहन सादा पैक्स अध्यक्ष अनिल महतो के यहां मजदूरी करता था। घटना तब हुई जब उसने अपने मेहनताने की राशि मांगी। मजदूरी का पैसा मांगने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान पैक्स अध्यक्ष अनिल महतो गाली-गलौज करते हुए आगबबूला हो गए और अपने साथियों के साथ मिलकर युवक को पकड़कर खूंटे से बांध दिया तथा उसकी पिटाई कर दी।
वीडियो वायरल, इलाके में तनाव
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि तीन-चार लोग युवक को पकड़कर बांध रहे हैं और उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। हालांकि इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि 1st बिहार न्यूज नहीं करता है, लेकिन घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है।
पीड़ित ने SC-ST थाना में दिया आवेदन
घटना के बाद जख्मी हालत में मोहन सादा SC-ST थाना पहुंचा और लिखित आवेदन देकर पैक्स अध्यक्ष एवं अन्य आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। युवक ने आरोप लगाया कि मजदूरी मांगने पर उसे जातीय आधार पर प्रताड़ित किया गया और बेरहमी से पीटा गया।
पैक्स अध्यक्ष का पक्ष: “तराजू चोरी कर रहा था, शराब के नशे में था”
जब मीडिया ने पैक्स अध्यक्ष अनिल महतो से इस वायरल वीडियो और आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने सभी आरोपों से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा—“मजदूर मेरे यहां तराजू चोरी कर भाग रहा था। वह शराब के नशे में था। उसे पकड़कर हमने डायल 112 की पुलिस को सौंप दिया है। मारपीट का आरोप गलत है।”उनका कहना है कि मजदूरी को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ, बल्कि युवक चोरी करते पकड़ा गया।
थाना प्रभारी ने किया बड़ा खुलासा
उधर, बनगांव थाना प्रभारी हरिशचंद्र ठाकुर ने पैक्स अध्यक्ष के दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा—“मजदूर को बांधकर रखा गया था, पिटाई भी की गई थी। घटना स्थल पर पैक्स अध्यक्ष के खिलाफ दर्जनों महिलाएं और पुरुष इकट्ठे हो गए थे, जिससे स्थिति बिगड़ने लगी थी। मजदूर शराब के नशे में था, यह आरोप भी गलत है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि मजदूर अपना मेहनताना मांग रहा था और उल्टा उसी को बांधकर पीट दिया गया।”थाना प्रभारी के बयान से साफ होता है कि मजदूर के साथ गलत व्यवहार किया गया और मामले में गंभीर संलिप्तता सामने आ रही है।
SC-ST थानाध्यक्ष ने कहा— “जख्मी हालत में मिला, अस्पताल भेजा गया”
SC-ST थाना के थानाध्यक्ष नागमणि ने बताया कि पीड़ित युवक स्पष्ट रूप से जख्मी हालत में था। “हमने तुरंत युवक को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा है। आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है। मामले में दर्ज आवेदन पर जांच शुरू कर दी गई है।”
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या मजदूरों के साथ इस तरह अमानवीय बर्ताव करना सामान्य बनता जा रहा है? क्या किसी पैक्स अध्यक्ष या पदाधिकारी को इतनी शक्ति मिल जाती है कि वह किसी को बांधकर पीट सके?सोशल मीडिया पर भी लोग घटना की निंदा कर रहे हैं और पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग उठा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और पैक्स अध्यक्ष की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं। घटना ने एक बार फिर मजदूरों और गरीब तबके की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।






