Bihar government : सहरसा जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड क्षेत्र स्थित मंगवार पंचायत में अतिक्रमण हटाने गई प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। यह हमला उस समय हुआ जब टीम नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के पावर सब स्टेशन के लिए चयनित जमीन को खाली कराने के प्रयास में जुटी थी। इस घटना में ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम और पुलिस अधिकारियों पर ही हमला बोल दिया और कई सरकारी तथा निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, मंगवार पंचायत स्थित डीहटोला विषहरा मंदिर के समीप बिहार सरकार की 52 डीसमल जमीन पर पावर सब स्टेशन का निर्माण होना है। यह जमीन पहले ही अधिग्रहित की जा चुकी थी, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इसे अतिक्रमित कर लिया गया था। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और फायरब्रिगेड वाहन लेकर कारवाई शुरू की।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में सोनवर्षा के बीडीओ अमित आनंद, सीओ आशिष कुमार, आरओ सैयद बादशाह, विद्युत विभाग के एसडीओ और जेई, तथा बसनहीं थाना पुलिस शामिल थी। जैसे ही टीम ने जेसीबी से अतिक्रमण हटाना शुरू किया, ग्रामीण उग्र होकर लाठी, डंडा, ईंट-पत्थर लेकर टीम पर टूट पड़े। ग्रामीणों की इस आक्रोशित भीड़ ने प्रशासनिक टीम के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर दी।
ग्रामीणों ने घबराहट में बीडीओ, सीओ, आरओ और अन्य अधिकारियों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया। भीड़ के उग्र रवैये के चलते कई सरकारी वाहन, जिनमें दो बसनहीं थाना की पुलिस वाहन, एक बीडीओ वाहन, फायरब्रिगेड वाहन और एक निजी वाहन शामिल था, को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बसनहीं थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि कुल पांच वाहन इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने अस्थायी तौर पर कार्रवाई रोक दी। इसके बाद सीओ आशिष कुमार बसनहीं थाना पहुंचे और मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। इस हमले के बाद पुलिस और अंचल प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन के अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने उन्हें पूरी तरह समझाए बिना जमीन खाली कराने का प्रयास किया। इस कारण गुस्साए ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हमला कर दिया।
वहीं, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पावर सब स्टेशन का निर्माण पूरे क्षेत्र के विकास और बिजली आपूर्ति की सुगमता के लिए जरूरी है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के तहत की जा रही थी, लेकिन ग्रामीणों की ओर से हिंसा के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
इस घटना से आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल पर अतिरिक्त बल तैनात किया है और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को फिर से शुरू करने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि लोग कानून का सम्मान करें और हिंसा से बचें।
बसनहीं थानाध्यक्ष ने कहा कि हमले में घायल अधिकारियों का इलाज किया गया और मामले में सभी जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन और पुलिस मिलकर जमीन खाली कराने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। इस घटना ने सहरसा जिले में अतिक्रमण और प्रशासन के बीच तनाव की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्रवासियों ने भी प्रशासन से संवाद के जरिए समस्या का समाधान करने की मांग की है।






