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सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा; कार्रवाई की मांग

Bihar News: कैमूर के भभुआ सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान 23 वर्षीय महिला की मौत हो गई. गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में हंगामा मचाया.

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: कैमूर जिले के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल लाई गई 23 वर्षीय महिला धर्मशिला कुमारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की मां ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया।


मृतका धर्मशिला, कुदरा थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव निवासी रौशन बिंद की पत्नी थी, पिछले डेढ़ महीने से अपने मायके चैनपुर के सुहावल गांव में रह रही थी। परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उसे चैनपुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।


मृतका की मां अनीता देवी ने रोते हुए बताया कि सदर अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने तुरंत इलाज शुरू करने के बजाय उसे विभिन्न जांचों के नाम पर यहाँ-वहाँ दौड़ाया। अनीता का आरोप है कि, डॉक्टरों की सुस्ती और जांच के चक्कर में हुई देरी की वजह से मेरी बेटी ने दम तोड़ दिया। अगर समय पर इलाज मिलता, तो वह आज जीवित होती।


घटना के बाद अस्पताल में ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामले को शांत कराया। अस्पताल के डीपीएम ऋषिकेश जायसवाल ने बताया कि मरीज पीपीएच से ग्रसित थी। उन्होंने लापरवाही के आरोपों को नकारते हुए कहा कि परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए समझाया गया था, लेकिन वे बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर चले गए।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Ranjan Kumar

FirstBihar संवाददाता