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रोहतास में शराबबंदी लागू करने की मांग, गुस्साए ग्रामीणों ने चेनारी थाने का किया घेराव, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

बिहार में करीब 9 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है लेकिन रोहतास के लोग जिले में शराबबंदी की मांग पुलिस से कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यहां कही से नहीं लगता कि शराबबंदी लागू है। लोग धड़ल्ले से शराब बेचते और पीते हैं। कोई रोकने टोकने वाला नहीं है।

BIHAR POLICE
शराबबंदी का मजाक
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SARABBANDI BIHAR: रोहतास जिले के चेनारी से शराबबंदी की मांग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। देवडीही पंचायत में खुलेआम शराब की बिक्री और निर्माण के खिलाफ युवाओं का एक समूह विरोध प्रदर्शन करते हुए चेनारी थाना पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। 


गांव में धड़ल्ले से बिक रही देसी शराब, पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई 

ग्रामीणों का कहना है कि देवडीही गांव में देसी शराब की बिक्री बेधड़क हो रही है, जिससे खासकर युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। कई लोग यहां अवैध रूप से शराब बना और बेच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस के पहुंचते ही अवैध शराब कारोबारी फरार हो जाते हैं, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। 


लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 साल पहले बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की जिसके कई फायदे देखने को मिले है। शराबबंदी को लागू कराने की जिम्मेदारी जिसे दी गयी है वही शराब बेचवाने का काम कर रहे है। लोगों का आरोप सीधे तौर पर बिहार की पुलिस पर है। जो शराब के धंधेबाजों से मिली हुई है। शराब के अवैध धंधेबाज पुलिस तक हफ्ते पहुंचाता है इसलिए पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। 


युवाओं ने जुलूस निकालकर किया विरोध

शराबबंदी को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के चलते युवाओं ने जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए चेनारी थाना पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और वहां से लौट गए। गौरतलब है कि इससे पहले भी महिलाओं ने थाना घेराव कर शराबबंदी को प्रभावी बनाने की मांग की थी। पुलिस की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।


रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

RANJAN

FirstBihar संवाददाता