Bihar News: पूर्वी चंपारण जिले में एक प्रेमी जोड़े की शादी इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। अलग-अलग जाति होने की वजह से परिवार और समाज के विरोध का सामना कर रहे युवक-युवती ने आखिरकार ग्राम कचहरी में जाकर अपनी मोहब्बत को मंजिल दी। पंचों की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की शादी कराई गई, जिसके बाद पूरे इलाके में इस अनोखी शादी की चर्चा शुरू हो गई।
मामला चिरैया प्रखंड के सिरौना पंचायत का है। बताया जा रहा है कि शिवहर जिले के श्यामपुर भटहां थाना क्षेत्र के नयागांव घुरघुर टोला निवासी मुन्नी कुमारी और अभ्यास कुमार पिछले करीब पांच वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों लंबे समय से शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति से होने की वजह से परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था।
परिजनों के विरोध के बावजूद दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं। कई बार परिवार को समझाने की कोशिश भी की गई, लेकिन रिश्ते को मंजूरी नहीं मिली। धीरे-धीरे घर का माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि दोनों ने अपना घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
बताया जा रहा है कि 22 मई को दोनों घर से निकलकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंचे, जहां एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। हालांकि मंदिर में शादी के बाद भी दोनों को सामाजिक स्वीकृति नहीं मिल सकी। परिवार वालों ने इस रिश्ते को मानने से इनकार कर दिया।
इसके बाद दोनों सिरौना पंचायत की ग्राम कचहरी पहुंचे और वहां अपनी पूरी बात रखी। ग्राम कचहरी में मौजूद पंचों ने दोनों की सहमति, उम्र और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की। काफी देर तक बातचीत और समझाइश के बाद पंचों ने इस रिश्ते को सामाजिक मान्यता देने का फैसला लिया।
ग्राम कचहरी परिसर में ही बेहद सादगीपूर्ण माहौल में विवाह की रस्म पूरी कराई गई। पंचों और स्थानीय लोगों को गवाह बनाकर अभ्यास कुमार ने मुन्नी कुमारी की मांग में सिंदूर भरा और उसे अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया।





