ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

बिहार: 3 दिन से भूखा था युवक समेत पूरा परिवार, PMO में लगाया कॉल तो 1 घंटे में थानेदार लेकर आ गए राशन

PURNIYA: युवक तीन से भूखा था. उससे खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा था. उसने सीधे प्रधानमंत्री ऑफिस में ही कॉल लगा दिया. जिसके बाद उससे घर 1 घंटे में ही सूखा राशन पहुंच गया.

FirstBihar
Manish Kumar
2 मिनट

PURNIYA: युवक तीन से भूखा था. उससे खाने के लिए कुछ नहीं मिल रहा था. उसने सीधे  प्रधानमंत्री ऑफिस में ही कॉल लगा दिया. जिसके बाद उससे घर 1 घंटे में ही सूखा राशन पहुंच गया. युवक जलालगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है. मदद मिलने के बाद पूरा परिवार खुश है. 

तीन से भूखा था परिवार

मॉडल स्कूल मैदान में रहने वाले शमसाद ने पीएमओ को कॉल कर अपनी समस्या बताई. शमसाद का कहना है कि बीते 3 दिन से वो और उनका परिवार भूखा था. जब कोई मदद आता नहीं दिखा तो अपने किसी साथी से पीएमओ का नंबर लिया और सीधे कॉल कर अपनी परेशानी बतायी. पीएमओ ने उन्हें 2 से 3 घंटे का समय दिया. कॉल करने केअगले ही घंटे जलालगढ़ थाना से पुलिस आई और सूखा राशन मुहैया कराया. शमसाद पीएमओ के इस त्वरित कार्रवाई से बेहद खुश हैं और पीएम मोदी को बार-बार धन्यवाद दे रहे हैं. 

लॉकडाउन में कमाई हो गया बंद

शमसाद ने बताया कि उसके परिवार मे कल 6 लोग है. वह कपड़े घूम-घूमकर बेचता था, जिससे परिवार का भोजन चलता था, लेकिन लॉकडाउन में वह भी बंद हो गया और परिवार के आगे भूखमरी की नौबत आ गई. लेकिन इस राहत से उम्मीद है कि आगे भी उसको सरकारी मदद का लाभ मिलेगा. जिससे इस संकट की घड़ी से वह उबर जाएगा. 


भागलपुर के ती बहनों ने भी मांगी थी मदद

बता दें कि इससे पहले भागलपुर के खंजरपुर में 3 अप्रैल को जब तीन बहनों को खाना नहीं मिला तो विदेश मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर बताया कि तीनों बहने कई दिनों से भूखी है. जिसके बाद तुरंत बहनों के पास अधिकारी खाना लेकर पहुंचे थे. तीनों बहनों के मां और पिता नहीं है. 

टैग्स
रिपोर्टिंग
t

रिपोर्टर

tahsin

FirstBihar संवाददाता