पूर्णिया महिला कॉलेज में चहारदीवारी को लेकर विवाद, पूर्व जिला पार्षद की बेटी और सीओ के बीच हुई हाथापाई, दोनों ने एक दूसरे पर लगाया आरोप

पूर्णिया महिला कॉलेज परिसर में चहारदीवारी निर्माण के दौरान पूर्व जिला पार्षद की बेटी तृषा राय और अंचलाधिकारी संजीव सिंह के बीच झड़प हुई। वीडियो बनाने को लेकर विवाद बढ़ा, महिलाओं ने विरोध जताया और पुलिस ने बीच-बचाव किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 21, 2026, 7:00:42 PM

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नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला - फ़ोटो social media

PURNEA: पूर्णिया के महिला कॉलेज परिसर में चहारदीवारी की घेराबंदी के दौरान उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी जब पूर्णिया पूर्व प्रखंड के अंचलाधिकारी (सीओ) संजीव सिंह पर पूर्व जिला पार्षद पीसी राय की बेटी तृषा राय को धक्का देने का आरोप लगा। घटना के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और मौके पर मौजूद महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।


दरअसल, महिला कॉलेज प्रबंधन और पूर्व जिला पार्षद पीसी राय के बीच नाला और रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद के निपटारे और एसडीएम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सीओ संजीव सिंह पुलिस बल के साथ कॉलेज परिसर पहुंचे थे। इस दौरान मजदूर चहारदीवारी की घेराबंदी का कार्य कर रहे थे। उसी समय तृषा राय मोबाइल से पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रही थीं।


आरोप है कि वीडियो बनाने को लेकर सीओ और तृषा राय के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। इस दौरान तृषा राय को धक्का लगने की बात कही जा रही है। घटना की खबर फैलते ही वहां मौजूद महिलाएं उग्र हो गईं और सीओ का विरोध करते हुए उन्हें दौड़ा लिया। करीब आधे घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही, जबकि पुलिस बीच-बचाव करती रही।


वहीं सीओ संजीव सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पूर्व जिला पार्षद द्वारा सरकारी जमीन पर जबरन रास्ता बना लिया गया था, जिसे खाली कराने का कोर्ट से आदेश प्राप्त हुआ था। उन्होंने महिला के साथ अभद्रता के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि महिलाओं को आगे कर उनके साथ बदतमीजी की गई। दूसरी ओर, तृषा राय ने कहा कि सीओ का रवैया शुरू से आक्रामक था और महिला पुलिस की मौजूदगी में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने सरकार से इस मामले में कार्रवाई की मांग की।