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PM आवास में बड़ा खेल: पार्षद की मां, बहन, भाभी समेत 4 रिश्तेदारों के खाते में पहुंचे 1-1 लाख, RTI से खुला राज

Bihar News: पूर्णिया में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। आरटीआई से मिली जानकारी के बाद लाभुकों के चयन पर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर स्थानीय लोगों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधि के अलग-अलग बयान सामने आए...

PM आवास में बड़ा खेल: पार्षद की मां, बहन, भाभी समेत 4 रिश्तेदारों के खाते में पहुंचे 1-1 लाख, RTI से खुला राज
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar News: बिहार के पूर्णिया जिले से प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है. कसबा नगर परिषद के वार्ड संख्या-2 में गरीब और जरूरतमंद लोगों के बजाय वार्ड पार्षद के परिजनों को योजना का लाभ मिलने का आरोप लगा है. इस पूरे मामले का खुलासा सूचना के अधिकार (RTI) के जरिए मिली जानकारी से हुआ है. खुलासे के बाद योजना की पारदर्शिता और लाभुकों के चयन पर सवाल उठने लगे हैं.


जानकारी के अनुसार, वार्ड संख्या-2 के पार्क टोला निवासी कोकिल कुमार ने आरटीआई के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों की सूची मांगी थी. जवाब में सामने आया कि वार्ड से कुल 217 लोगों ने योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, जिनमें से 15 लोगों का चयन किया गया. चयनित सभी लाभुकों के बैंक खाते में पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये भी भेज दिए गए.


आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक, इन 15 लाभुकों में चार लोग वार्ड पार्षद मो. इफ्तेखार आलम के करीबी रिश्तेदार हैं. सूची में पहले स्थान पर उनकी मां अख्तरी बेगम, दूसरे स्थान पर सगी बहन रोशन आरा, तीसरे स्थान पर सगे भाई की पत्नी सना परवीन और 13वें स्थान पर फुफेरे भाई मो. समीम का नाम दर्ज है. इन सभी के खातों में पहली किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये की राशि भेजी जा चुकी है.


इतना ही नहीं, प्रतीक्षा सूची में भी वार्ड पार्षद की सास जलीसा बेगम का नाम पहले स्थान पर बताया गया है. इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों के परिजनों को ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा तो वास्तविक गरीब और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का फायदा कैसे पहुंचेगा.


मामले पर प्रधानमंत्री आवास योजना के जूनियर इंजीनियर अमित कुमार का कहना है कि जिन लोगों को योजना का लाभ मिला है, वे निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र पाए गए हैं. उनके अनुसार, कुल 15 लाभुकों को पहली किस्त जारी की गई है, जबकि 31 लोगों के नाम प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं.


वहीं, नगर परिषद कसबा के कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले की विशेष जानकारी नहीं है. उनका कहना है कि यदि किसी लाभुक ने योजना की सभी शर्तें पूरी की हैं तो वह योजना का लाभ पाने का हकदार है, चाहे वह किसी जनप्रतिनिधि का परिजन ही क्यों न हो.


उधर, वार्ड पार्षद मो. इफ्तेखार आलम ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके परिवार के सभी सदस्य योजना की पात्रता पूरी करते थे. इसी आधार पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है. फिलहाल आरटीआई से हुए इस खुलासे के बाद पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और योजना के लाभुकों के चयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं.